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बकरीद पर छूट को लेकर केरल सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- यह हरकत माफी के लायक नहीं

बकरीद पर छूट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज. . (फाइल फोटो)

बकरीद पर छूट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज. . (फाइल फोटो)

Supreme Court on Kerala Government: राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 17 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 18-20 जुलाई के बीच सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक पाबंदियों में ढील देने की घोषणा की थी.

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    नई दिल्ली. बकरीद के दौरान राज्य में कोविड-19 पाबंदियों में ढील देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाई है. अदालत ने कहा है कि यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि राज्य सरकार ने व्यापारियों की लॉकडाउन में ढील देने की मांग को स्वीकार कर लिया है. शीर्ष अदालत ने केरल सरकार को फटकार लगाई और कहा कि यह 'माफी योग्य' नहीं है.

    इसके अलावा कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार की तरफ से छूट दिए जाने के बाद कोरोना संक्रमण फैलता है, तो इसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. हालांकि कोर्ट ने यह कहते हुए सरकारी अधिसूचना को रद्द करने से मना कर दिया कि अब तो घोड़ा अस्तबल से निकल चुका (वक्त निकल चुका है)है.

    अदालत ने मंगलवार को कहा कि किसी भी तरह का दबाव भारत के नागरिक के सबसे मूल्यवान जीवन के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर उसे हमारे संज्ञान में लाया जाता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केरल को संविधान के अनुच्छेद 21 के साथ अनुच्छेद 44 पर ध्यान देने और कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए हमारे फैसले पर ध्यान देने का निर्देश देते हैं.

    अपने फैसले का बचाव कर रही केरल सरकार ने कोर्ट से कहा कि 15 जून से ही पाबंदियों में ढील दी गई थी और इसमें कुछ नया नहीं था. इसके अलावा सरकार ने उन व्यापारियों की परेशानियों का भी हवाला दिया, जो बकरीद के दौरान आर्थिक हालात बेहतर होने की उम्मीद कर रहे थे. याचिकाकर्ता और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कोर्ट से आज पाबंदियों से छूट का आखिरी दिन होने के चलते आदेश जारी करने के लिए कहा. जस्टिस नरीमन ने कहा कि हम नोटिफिकेशन को रद्द नहीं कर सकते हैं.

    यह भी पढ़ें: बकरीद पर कोविड नियमों में ढील पर केरल सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

    सीएम ने की थी ढील की घोषणा
    राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 17 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छूट देने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि 21 जुलाई को मनाई जाने वाली बकरीद को देखते हुए कपड़ों, फुटवेयर, जूलरी, घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक आइटम, सभी तरह की रिपेयरिंग की दुकानें और आवश्यक दुकानों को 18-20 जुलाई के बीच सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक A,B और C इलाकों में संचालित होने की अनुमति दी जाती है. उन्होंने कहा था कि D वर्ग में ये दुकानें केवल 19 जुलाई को ही खुलेंगी. ये इलाके पॉजिटिविटी रेट के हिसाब से तय किए गए हैं.

    इस घोषणा के बाद सोमवार को शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कोविड-19 की पाबंदियों के खिलाफ एक आवेदन पर जवाब देने के लिए कहा था. इस मामले पर जस्टिस आरएफ नरीमन और बीआर गवई की बेंच ने सुनवाई की थी. कोर्ट की इस बेंच ने ही उत्तर प्रदेश सरकार के उस हलफनामे पर बात की थी, जिसमें कहा गया था कि महामारी के चलते राज्य में इस बार कोई कांवड़ यात्रा नहीं होगी.

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