कोरोना वायरस का 'डबल म्यूटेंट' तीन भागों में बंटा, विशेषज्ञ ने बताया कितना घातक हो सकता है यह बदलाव

भारत में इस समय संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं और हर रोज 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं. फाइल फोटो

भारत में इस समय संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं और हर रोज 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं. फाइल फोटो

Coronavirus 2nd Wave: केंद्र सरकार ने बीते 24 मार्च को बताया था कि दिल्ली, महाराष्ट्र और कुछ अन्य स्थानों पर कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट पाया गया है. इसके बाद से ही चिंता जताई जा रही है कि वायरस के ये जो तीन रूप हैं क्या उनसे देश में कोरोना महामारी और घातक तरीके से फैलनी शुरू होगी?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2021, 4:43 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर (COVID-19 2nd Wave) के लिए कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट वाले एक नए स्वरूप बी.1.617 को जिम्मेदार माना जा रहा है. वहीं देश कुछ शीर्ष वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस के डबल म्यूटेंट (Coronavirus Double Mutant) ने खुद को तीन अलग-अलग रूपों में ढाल लिया है. केंद्र सरकार ने भी बीते 24 मार्च को बताया था कि दिल्ली, महाराष्ट्र और कुछ अन्य स्थानों पर कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट पाया गया है. इसके बाद से ही चिंता जताई जा रही है कि वायरस के ये जो तीन रूप हैं क्या उनसे देश में कोरोना महामारी और घातक तरीके से फैलनी शुरू होगी? क्योंकि आम तौर पर ऐसा माना जाता है कि जब भी कोई वायरस अपना रूप बदलता है, तो वह पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा घातक साबित होता है, लेकिन कई दफा इस बदलाव की वजह से वायरस कमजोर भी पड़ जाता है.

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने बताया कि वायरस के डबल म्यूटेंट के ये तीन रूप कितने घातक होंगे इस का जवाब पाने के लिए रिसर्च की जरूरत है. वैज्ञानिकों ने कहा कि डबल म्यूटेंट के तीनों रूपों को क्रमशः बी.1.617.1, बी.1.617.2 और बी.1.617.3 नाम दिया गया है. सेंटर फॉर सेल्युलर ऐंड मॉलिक्युलर बायॉलजी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक दिव्या तेज सोपती ने बताया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन्हीं तीनों रूपों की वजह से देश में कोरोना वायरस के हालात बद-से-बदतर होते जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बात को साफतौर पर स्पष्ट किया है कि वायरस का डबल म्यूटेंट बी.1.617 अब तीन रूपों में बंट चुका है.

इससे पहले, बीते 24 मार्च को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक एस के सिंह ने कहा था कि 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से मिले 10,787 संक्रमित नमूनों में से 771 मामले चिंताजनक स्वरूप ‘वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न’ (वीओसी) के मिले हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल तीन ‘वीओसी’ हैं जो ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए.

मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) द्वारा की गई ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ में कई राज्यों में कोरोना वायरस के वीओसी और दोहरे उत्परिवर्तन वाले एक नए स्वरूप की पहचान हुई है. सिंह ने कहा था, "अब तक ऐसा कोई संबंध नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि विभिन्न राज्यों में मामलों में वृद्धि इन स्वरूपों की वजह से है."
मंत्रालय ने रेखांकित किया था कि विभिन्न विषाणुओं के जीनोमिक स्वरूप एक प्राकृतिक घटनाक्रम हैं तथा ये सभी देशों में पाए जाते हैं. इसने कहा था, 'इनमें ब्रिटेन के वायरस (बी.1.1.7.) लिनिएज के 736 संक्रमित नमूने भी हैं. दक्षिण अफ्रीकी वायरस लिनिएज (बी.1.351) के 34 नमूने भी संक्रमित पाए गए हैं. एक संक्रमित नमूना ब्राजील के लिनिएज (पी.1) के वायरस से संबंधित पाया गया. ये वीओसी युक्त नमूने देश के 18 राज्यों में चिह्नित किए गए हैं.'

इसने कहा कि कोरोना वायरस की ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ और इसका विश्लेषण अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों से लिए गए नमूनों, वीओसी से संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों के नमूनों और अधिकतर राज्यों में सामुदायिक स्तर पर एकत्र किए गए नमूनों से किया गया है. मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र से लिए गए नमूनों के विश्लेषण से पता चला है कि दिसंबर 2020 की तुलना में ई484क्यू और एल452आर उत्परिवर्तन के अंशों वाले नमूनों में वृद्धि हुई है.





इस बीच, देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 3,52,991 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,73,13,163 हो गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 28 लाख को पार कर गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी. मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह आठ बजे तक अपडेट की गई जानकारी के अनुसार, संक्रमण से 2,812 लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,95,123 हो गई है.

संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि के साथ ही उपचाराधीन रोगियों की संख्या बढ़कर 28,13,658 हो गई है जो कुल संक्रमितों का 16.25 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से मुक्त होने की राष्ट्रीय दर गिरकर 82.62 प्रतिशत हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,43,04,382 हो गई है. मृत्यु दर गिरकर 1.13 प्रतिशत हो गई है.

(इनपुट भाषा से भी)
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