मंगल पर मानव बस्‍ती तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने खोजा 'मेमोरी वाला मेटल'

चांद और मंगल ग्रह पर जाने वाले रोवर के पहियों में किया जा सकता है मेटल विद मेमोरी धातु का इस्‍तेमाल.

चांद और मंगल ग्रह पर जाने वाले रोवर के पहियों में किया जा सकता है मेटल विद मेमोरी धातु का इस्‍तेमाल.

वैज्ञानिकों की मानें तो इस तरह की धातु का इस्‍तेमाल चंद्रमा (Moon) और मंगल ग्रह (Mars) पर जाने वाले रोवर के पहियों में किया जा सकता है. इससे रोवर (Rover) के पहिए रास्‍ते में आने वाले पत्‍थरों के मुताबिक अपना आकार बदल लेंगे और रोवर को चलने में आसानी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 3:00 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. मंगल ग्रह और चांद अभी भी वैज्ञानिकों के लिए किसी रहस्‍य से कम नहीं हैं. दोनों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं. मंगल ग्रह (Mars) और चांद (Moon) पर जीवन की खोज के बीच वैज्ञानिकों ने वहां बनने वाली मानव बस्‍ती के बारे में भी अपनी प्‍लानिंग पर काम करना शुरू कर दिया है. वैज्ञानिकों ने दूसरे किसी भी ग्रह पर मानव बस्‍ती तैयार करने के लिए एक ऐसी धातु तैयार की है जो जगह के हिसाब से अपना आकार बदल लेती है. वैज्ञानिकों ने इसे मेटल विद मेमोरी का नाम दिया है. अभी तक इस तरह की धातु का इस्‍तेमाल हार्ट सर्जरी में किया जाता है. दिल के ऑपरेशन के दौरान डॉक्‍टर ऐसी ट्यूब डालते हैं जो मरीज के खेन की नली में जाकर खुद ब खुद डाइलेट हो जाती है. यानि नली के हिसाब से अपना आकार बदल लेती है.

वैज्ञानिकों की मानें तो इस तरह की धातु का इस्‍तेमाल चांद और मंगल ग्रह पर जाने वाले रोवर के पहियों में किया जा सकता है. इससे रोवर के पहिए रास्‍ते में आने वाले पत्‍थरों के मुताबिक अपना आकार बदल लेंगे और रोवर को चलने में आसानी होगी. वहीं समतल जगह पर आने पर पहिए वापस अपने पुराने आकार में आ जाएंगे.

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस तरह की धातु का इस्‍तेमाल आने वाले समय में वह मंगल और चांद पर इंसानी बस्‍ती बनाने में करेंगे. इस धातु का इस्‍तेमाल करने से इसे किसी भी तरह की कोई मैकेनिकल निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वैज्ञानिकों ने कहा कि जिस धातु की खोज उन्‍होंने की वह अपना आकार याद रखती है और किसी भी तरह का दबाव या फिर घर्षण होने पर अगर उसकाआकार बदलता है तो उसे फिर से पुरानी स्थिति में वापस ले आती है.

इसे भी पढ़ें :- पहली बार सुनिये मंगल ग्रह की हवा की आवाज, दिल की धड़कन जैसी लगती है लेजर स्‍ट्राइक
द वर्ज में प्रकाशित खबर के मुताबिक वैज्ञानिकों ने निकल और टाइटेनियम को मिलाकर नए तरीके का मेटल तैयार किया है. इसे जितना ज्‍यादा गर्म किया जाएगा उसका काम उतना ही बेहतरीन होता जाएगा. वैज्ञानिकों ने दिखाया कि गर्म करने के बाद इसमें पानी डालने से इसका आकार बदल जाता है लेकिन जैसे ही उसे फिर से गर्म किया जाता है तो वापस उसी आकार में आ जाती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक मंगल ग्रह पर अगर गर्मी ज्यादा होगी तो भी ये अपना स्वरूप वापस पा लेगी.

इसे भी पढ़ें :- कहां खो गया मंगल का सारा पानी, नासा ने दिया इसका जवाब

वैज्ञानिका नीतिनोल ने बताया कि मेटल गर्मी की वजह से आकार नहीं बदलता. इसमें डाले गए निकल और टाइटेनियम धातुओं के अनुपात के हिसाब से भी बदलता है. ऐसे में अब घर बनाने, गाड़ी बनाने और दूसरे ग्रह पर किसी खोज में इस मेटल का इस्‍तेमाल किया जा सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज