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बाबुल सुप्रियो ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े, कहा- 50 साल में 8.5 सेमी बढ़ा समुद्र का स्तर

भाषा
Updated: November 19, 2019, 9:12 PM IST
बाबुल सुप्रियो ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े, कहा- 50 साल में 8.5 सेमी बढ़ा समुद्र का स्तर
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एक लिखित जवाब में हिंद महासागर के बढ़ते जलस्तर से जुड़े आंकड़ों को बताया (फाइल फोटो, PTI)

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने बताया, '2003 से 2013 के दशक के दौरान हिंद महासागर (Indian Ocean) में जल स्तर में 6.1 मिमी सालाना की वृद्धि हुई है.'

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नई दिल्ली. सरकार (Government) ने मंलवार को बताया कि बीते पांच दशकों में भारतीय तट (Indian Coast) पर समुद्र के जल स्तर (Sea Level) में 8.5 सेमी की वृद्धि हुई है.

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा (Rajya Sabha) को बताया ‘‘समझा जाता है कि भारतीय तट पर समुद्र के जल स्तर (Sea Level) में हर साल औसतन 1.70 मिमी की वृद्धि होती है. इस प्रकार बीते 50 साल में भारतीय तट पर समुद्र के जल स्तर में 8.5 सेमी की वृद्धि हुई है.’’

दस सालों में 6.1 मिली सालाना की दर से बढ़ा महासागर का जलस्तर
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने बताया, ‘‘उपग्रह तथा अन्य माध्यमों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तरी हिंद महासागर (North Indian Ocean) में जल स्तर बढा. 2003 से 2013 के दशक के दौरान इस महासागर में जल स्तर में 6.1 मिमी सालाना की वृद्धि हुई है.’’

सुप्रियो ने बताया कि समुद्री जल स्तर में वृद्धि से सुनामी (Tsunami), तूफान, तटीय बाढ़ और तट क्षेत्र के क्षरण के दौरान निचले इलाकों के डूब जाने का खतरा बढ़ सकता है.

'अगर नहीं रुका कार्बन उत्सर्जन तो 2100 तक मुंबई-कोलकाता सहित डूब जाएंगे सैकड़ों शहर'
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने कहा कि समुद्री जल स्तर में वृद्धि की वजह से जिन तटीय इलाकों के डूबने का खतरा है, उनका आकलन किए जाने की जरूरत है. जमीन के डूबने या उभरने के बारे में कोई दीर्घकालिक आंकड़े उपलब्ध न होने की वजह से, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण समुद्री जल स्तर में वृद्धि की निश्चित दर नहीं बताई जा सकती.
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उल्लेखनीय है कि जलवायु परिवर्तन संबंधी संयुक्त राष्ट्र अंतर-सरकारी पैनल (United Nations Inter-governmental Panel) की एक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि अगर कार्बन उत्सर्जन  पर रोक नहीं लगाई गई तो 2100 तक वैश्विक समुद्री जल स्तर में इतनी वृद्धि हो जाएगी कि मुंबई (Mumbai) और कोलकाता सहित सैकड़ों शहर डूब सकते हैं तथा कहीं कहीं तो पूरे के पूरे देश ही जलमग्न हो सकते हैं.

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First published: November 19, 2019, 8:02 PM IST
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