बंगाल दौरे का दूसरा दिन: सबसे पहले दक्षिणेश्वर मंदिर पहुंचेंगे शाह, आज मटुआ समुदाय के साथ खाएंगे खाना

शुक्रवार को अमित शाह मटुआ समुदाय के एक परिवार के साथ भोजन करेंगे. इस परिवार के साथ खाना खा कर शाह ये जताना चाहते हैं कि उनका उनकी चिंताओं की तरफ उनका ध्यान है और इसके साथ ही वो बंगाल के चुनावी मैदान में सीएए मुद्दे को आगे रखना चाहते हैं.
शुक्रवार को अमित शाह मटुआ समुदाय के एक परिवार के साथ भोजन करेंगे. इस परिवार के साथ खाना खा कर शाह ये जताना चाहते हैं कि उनका उनकी चिंताओं की तरफ उनका ध्यान है और इसके साथ ही वो बंगाल के चुनावी मैदान में सीएए मुद्दे को आगे रखना चाहते हैं.

दौरे के पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ममता सरकार पर निशाना साधा था. इसके अलावा राज्य में हो रही घुसपैठ के मामले में राज्य की पुलिस पर भी बीएसएफ (BSF) की मदद न करने के आरोप लगाए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 11:19 AM IST
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कोलकाता. दो दिनों के दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह आज दूसरे दिन की शुरुआत दक्षिणेश्वर मंदिर से करेंगे. इसके बाद वो मटुआ समुदाय के साथ खाना खाएंगे. राज्य में इनकी संख्या 70 लाख से ज्यादा है. खास बात है कि दौरे के पहले दिन भी शाह ने अदिवासी परिवार के साथ भोजन किया था. दौरे के पहले दिन शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने ममता सरकार (Mamta Government) पर गरीबों तक केंद्र की योजनाएं नहीं पहुंचाने के आरोप भी लगाए थे.

शाह का दावा-ममता सरकार से नाराज है बंगाल की जनता
हिंदी न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक, गृहमंत्री ने कहा था कि बंगाल की जनता जल्द बदलाव चाहती है. उन्होंने बताया कि राज्य में 100 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है और 75 से ज्यादा मामलों में अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. शाह ने दावा कि यहां की जनता राजनीतिक दल के बजाए सत्ता बदलने का इंतजार कर रही है.

घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया
बातचीत के दौरान शाह ने राज्य की पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बीएसएफ को राज्य की पुलिस का सहयोग नहीं मिलता है, जिसकी वजह से घुसपैठ में इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस की मदद के बिना यह मुमकिन नहीं है. भारत-बांग्लादेश की बॉर्डर भौगोलिक रूप से कठिन है. यहां काफी नदियां, नाले और पहाड़ हैं. जब तक स्थानीय प्रशासन मदद नहीं करेगा, तब तक अकेले बीएएसएफ कुछ नहीं कर पाएगा, क्योंकि उनका दायरा सीमित है. इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी (Mamta Banarjee) की सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य में हत्या के मामले में भी पोस्टमॉर्टम के लिए कोर्ट जाना पड़ता है.
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