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विकास योजनाओं का जायजा लेने फिर से कश्मीर जाएगा केंद्रीय मंत्रियों का दल

भाषा
Updated: February 20, 2020, 9:34 PM IST
विकास योजनाओं का जायजा लेने फिर से कश्मीर जाएगा केंद्रीय मंत्रियों का दल
केंद्रीय मंत्रियों का दूसरा शिष्टमंडल विकास योजनाओं का जायजा लेने कश्मीर जाने वाला है (सांकेतिक फोटो, PTI)

कश्मीर दौरे (Kashmir Visit) पर जाने वाले मंत्रियों के शिष्टमंडल में कौन कौन शामिल होंगे इसका निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) करेगा. इससे पहले पिछले महीने भी मंत्रियों का एक शिष्टमंडल (Delegation) कश्मीर के दौरे पर गया था.

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नई दिल्ली. केंद्र और स्थानीय प्रशासन की ओर से कश्मीर (Kashmir) में चलायी जा रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का जायजा लेने के लिए 40 केंद्रीय मंत्रियों का दूसरा शिष्टमंडल (Delegation) अप्रैल में केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) के दौरे पर जाएगा. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी.

कश्मीर दौरे (Kashmir Visit) पर जाने वाले मंत्रियों के शिष्टमंडल में कौन कौन शामिल होंगे इसका निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) करेगा. इससे पहले पिछले महीने भी मंत्रियों का एक शिष्टमंडल कश्मीर के दौरे पर गया था. मंत्रियों के समूह का मौजूदा दौरा पहले किये गये दौरे की अनुवर्ती कार्रवाई होगी.

शिष्टमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, अभी इसकी जानकारी नहीं
सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘केंद्रीय मंत्रियों का दूसरा शिष्टमंडल कश्मीर के दौरे (Kashmir Visit) पर जा सकता है. दौरे की तारीख तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल होंगे, इसके बारे में अभी निर्णय नहीं किया जा सका है लकिन संसद के बजट सत्र के तुरंत बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा.’’



मध्यावकाश के बाद संसद (Parliament) के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा दो मार्च से शुरू होगा और तीन अप्रैल को इसका समापन होगा.

प्रत्येक मंत्री को एक-एक जिले में भेजा जाएगा
अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देगा और प्रत्येक मंत्री को एक जिले में भेजा जाएगा और कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) पर ध्यान केंद्रित होगा.

उन्होंने कहा कि पहले शिष्टमंडल (Delegation) में शामिल कुछ मंत्री दूसरे का भी हिस्सा हो सकते हैं. पिछले महीने 37 मंत्रियों का एक दल कश्मीर गया था और वहां विकास कार्यों का मुआयना किया था.

नागरिक अधिकार समूहों ने अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग की
आईसा और एआईडीडब्ल्यूए समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग गुरुवार को यहां जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को बहाल किये जाने की मांग की.

उन्होंने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मांग की कि सरकार अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करें और इस केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दें.

कार्यकर्ता का दावा- 'जम्मू-कश्मीर में स्थिति बहुत गंभीर'
एक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में स्थिति बहुत गंभीर है.

उन्होंने कहा, ‘‘सभी लोकतांत्रिक संस्थाएं (Democratic Institutions) चरमरा गई हैं. उन्होंने (सरकार) इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है. केंद्र शासित प्रदेश के नए कानून हैं, लेकिन इस तरह के कानून लागू नहीं किए जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि यह सरकार जम्मू-कश्मीर में प्रशासन को संभालने को लेकर गंभीर नहीं है. अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में है और नेता अभी भी हिरासत में हैं.’’

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First published: February 20, 2020, 9:34 PM IST
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