क्या महाराष्ट्र में फिर लगेगा लॉकडाउन? उद्धव सरकार की रिव्यू मीटिंग में होगा फैसला

दो-तीन दिन के भीतर उद्धव सरकार की रिव्यू मीटिंग होने वाली है. (फाइल फोटो)

दो-तीन दिन के भीतर उद्धव सरकार की रिव्यू मीटिंग होने वाली है. (फाइल फोटो)

सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार (Uddhav Government) कोरोना के नए मामलों की संख्या में कमी लाने के लिए सभी रास्ते तलाश रही है. अब रिव्यू मीटिंग के बाद ही साफ हो पाएगा कि आगे किस तरह के कदम उठाए जाएंगे. घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले सीनियर अधिकारियों का कहना है कि सीएम उद्धव ठाकरे जल्द ही राज्य की जनता को संबोधित भी कर सकते हैं.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना के बढ़ते मामलों (Rising Covid Cases) के मद्देनजर उद्धव ठाकरे सरकार जल्द ही रिव्यू मीटिंग कर सकती है. इस मीटिंग में ही फैसला किया जाएगा कि महामारी पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जाएं. इस बीच न्यूज़18 को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि राज्य में एक बार फिर लॉकडाउन भी लगाया जा सकता है.

हालांकि कहा जा रहा है कि पूरे राज्य में दोबारा लॉकडाउन लगाने की योजना नहीं है. सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार कोरोना के नए मामलों की संख्या में कमी लाने के लिए सभी रास्ते तलाश रही है. अब रिव्यू मीटिंग के बाद ही साफ हो पाएगा कि आगे किस तरह के कदम उठाए जाएंगे. घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले सीनियर अधिकारियों का कहना है कि सीएम उद्धव ठाकरे जल्द ही राज्य की जनता को संबोधित भी कर सकते हैं.

क्या बोले मंत्री असलम शेख

इस बीच मंत्री असलम शेख ने कहा है कि कोरोना नियम तोड़ने के कारण लोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन को ये जुर्माना लगाने के लिए और मजबूत बनाया जा रहा है. अगर इसी तरह नए कोरोना मामलों की संख्या बढ़ती रही तो शहर में सबसे पहले नाइट क्लबों को बंद किया जा सकता है. असलम शेख ने कहा है कि नाइट कर्फ्यू की घोषणा से इनकार नहीं किया जा सकता है. लोगों को इस वक्त अतिरिक्त एहतियात बरतने की जरूरत है.
कुछ दिनों पहले सीएम उद्धव ने कहा था-राज्य में लॉकडाउन नहीं लगेगा

याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के बीच लॉकडाउन की आशंकाओं पर उद्धव ठाकरे ने कहा था, "राज्य में लॉकडाउन नहीं लगेगा. मैं नहीं चाहता कि लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आए." बीजेपी पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, "हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को चौकस किया है, सुधारा है. अगर कोई मुझे खलनायक कहता है तो मैं इसकी परवाह नहीं करता. अपने राज्य के लोगों की जिम्मेदारी मेरी है."

(विनय देशपांडे की स्टोरी से इनपुट्स के साथ.)
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