अभी और बदलेगा कोरोना वायरस का स्वरूप, देश में अलग-अलग समय पर आएगा पीक: एम्स निदेशक

रणदीप गुलेरिया ने कहा कि पश्चिम भारत में कोरोना के मामलों में कमी आ रही है. (फाइल फोटो)

रणदीप गुलेरिया ने कहा कि पश्चिम भारत में कोरोना के मामलों में कमी आ रही है. (फाइल फोटो)

Coronavirus Second Wave: एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि पश्चिम भारत में जैसे कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) का पीक देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर आएगा. एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने गुरुवार को यह जानकारी दी. गुलेरिया ने कहा कि वायरस म्यूटेशन (Virus Mutation) विकसित करेगा, यह कोरोना वायरस के विकास का हिस्सा है. गुलेरिया ने कहा कि पश्चिम भारत में जैसे कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली है.

एम्स निदेशक ने कहा कि जहां तक उत्तर और मध्य भारत का सवाल है यहां भी अगले कुछ हफ्तो में नए केसों में कमी देखने को मिल सकती है. लेकिन जब देश के उत्तर पूर्व और बंगाल में नए मामलों में कमी देखने को मिलेगी तभी हम कह सकेंगे कि भारत में केस कम हो रहे हैं. यह इस माह के अंत में या फिर अगले माह की शुरुआत में हो सकता है.

न्यूज18 से खास बातचीत में कहा कि सभी टीकों को पेटेंट मुक्त होना चाहिए और इसे किसी भी उत्पादक द्वारा उत्पादन किए जाने की अनुमति दी जानी चाहिए.

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देश में डबल म्यूटेंट के मरीज तीन राज्यों में

बता दें उत्तर भारत में इस समय सबसे अधिक लोग वायरस के ब्रिटिश संस्करण से संक्रमित हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में वायरस का ‘डबल म्यूटेंट’ प्रकार (वायरस की आनुवांशिकी में दोहरा बदलाव) कहर बरपा रहा है. यह जानकारी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एसीडीसी) के निदेशक सुजीत सिंह ने दी है. सुजीत सिंह ने हालांकि यह भी कहा कि सार्स कोव-2 वायरस के बी1.1.7 प्रकार (ब्रिटिश प्रकार) से देश में संक्रमित होने वाले लोगों के अनुपात में गत एक महीने में 50 प्रतिशत की कमी आई है.




सुजीत सिंह ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब (482 नमूनों), दिल्ली (516 नमूने) सहित उत्तर भारत में वायरस का ब्रिटिश संस्करण प्रमुखता से लोगों को संक्रमित कर रहा है जिसके बाद उसका असर तेलंगाना (192 नमूने), महाराष्ट्र (83) और कर्नाटक (82) में देखा गया. उन्होंने बताया कि 10 शीर्ष सरकारी प्रयोगशालायें एवं संस्थान गत साल दिसंबर से ही कोरोना वायरस का जीनोम अनुक्रमण कर रहे हैं. (भाषा के इनपुट सहित)

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