आधी रात को उमर-महबूबा नज़रबंद, जानें कश्मीर में अब तक क्या-क्या हुआ?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है, क्योंकि आतंकवादी धमकी और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ दुश्मनी बढ़ने के बीच हालात और खराब हुए हैं.

News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 11:03 AM IST
आधी रात को उमर-महबूबा नज़रबंद, जानें कश्मीर में अब तक क्या-क्या हुआ?
नज़रबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
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Updated: August 5, 2019, 11:03 AM IST
जम्मू-कश्मीर में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस बीच खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता उमर अब्दुल्ला को रविवार देर रात नजरबंद किया गया है. कांग्रेस नेता उस्मान माजिद और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) नेता एम वाई तारिगामी ने ये दावा किया. पुलिस का कहना है कि कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जिसके बीच इन नेताओं को नज़रबंद किया गया. नज़रबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

अगर हटा दिया गया आर्टिकल 35A तो जम्मू-कश्मीर में क्या बदल जाएगा?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है, क्योंकि आतंकवादी धमकी और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ दुश्मनी बढ़ने के बीच हालात और खराब हुए हैं. इस बीच जम्मू और श्रीनगर में सोमवार सुबह 6 बजे से धारा 144 लगा दी गई है.

पढ़ें 10 अपडेट्स:-

1## श्रीनगर और जम्मू में सुरक्षा के मद्देनजर आज सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू कर दी गई है. आम लोगों को बाहर ना निकलने के लिए कहा गया है. सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि धारा 144 लागू होने के बाद किसी भी तरह की पब्लिक मीटिंग या रैली पर पूरी तरह से रोक रहेगी. ऐसे में लोगों के ग्रुप में एक साथ बाहर निकलने पर भी रोक लग गई है.

2##घाटी में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है. पहले सिर्फ मोबाइल सेवा रोकी गई और उसके बाद में लैंडलाइन सर्विस भी रोक दी गई है. ऐसे में सुरक्षाबलों को अब सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति को संभाला जा सके.

3## जम्मू में ही CRPF की 40 कंपनियों को तैनात किया गया है. इससे पहले कश्मीर में ही हजारों की संख्या में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहले से ही तैनात किए जा चुके थे.
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4## जम्मू-कश्मीर के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. 5 अगस्त को यूनिवर्सिटियों में होने वाली परीक्षा को भी अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है.

5## कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के बीच पीएम मोदी की आज कैबिनेट मीटिंग है. इससे पहले पीएम ने गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मुलाकात की. इस दौरान उनके बीच कश्मीर पर चर्चा हुई.

6##नजरबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया कि हिंसा से केवल उन लोगों के हाथों में खेलेंगे जो राज्य की भलाई नहीं चाहते. शांति के साथ रहें और ईश्वर आप सभी के साथ रहें.



 

KASHMIR TENSION
कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.


7##रविवार को कश्मीर के हालात पर मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं ने श्रीनगर में बैठक की. इस बैठक में फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, सज्जाद लोन शामिल रहे.

8##नजरबंद होने से पहले भी दोनों नेताओं ने कई ट्वीट किए. नेशनल कांफ्रेंस के नेता अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा,‘मुझे लगता है कि मुझे आज आधीरात से घर में नजरबंद किया जा रहा है और मुख्यधारा के अन्य नेताओं के लिए भी यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई है. इसकी सच्चाई जानने का कोई तरीका नहीं है, लेकिन अगर यह सच है तो फिर आगे देखा जाएगा.’

अब्दुल्ला ने एक अन्य ट्वीट में कहा,‘कश्मीर के लोगों के लिए हमें नहीं मालूम कि क्या चल रहा है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अल्लाह ने जो भी सोचा है वह हमेशा बेहतर होगा. हमें यह शायद अभी नजर न आए, लेकिन हमें कभी उनके तरीकों पर शक नहीं करना चाहिए. हर किसी को शुभकमानाएं, सुरक्षित रहे और सबसे जरूरी कृपया शांति बनाए रखें.’

9##महबूबा ने कहा-कल का इंतजार?
इन घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा ने ट्वीट किया,‘मोबाइल फोन कनेक्शन समेत जल्द ही इंटरनेट बंद किए जाने की खबरें सुनीं. कर्फ्यू का आदेश भी जारी किया जा रहा है. अल्लाह जानता है कि हमारे लिए कल क्या इंतजार कर रहा है. यह रात लंबी होने वाली है.’

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10##कश्मीर के हालात पर अनुपम खेर का ट्वीट
अनुपम खेर ने इस मामले को लेकर रात तकरीबन 1 बजे ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि कश्मीर समस्या का समाधान शुरू हो चुका है. गौरतलब है कि खेर कश्मीरी पंडित हैं और समय-समय पर पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में खुलकर सामने आते हैं.



आर्टिकल 35 पर फिर से बहस शुरू
कश्मीर तनाव की एक वजह आर्टिकल 35A है. इसके तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के पास राज्य के स्थायी निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार होता है. स्थायी नागरकि को मिलनेवाले अधिकार और विशेष सुविधाओं की परिभाषा भी आर्टिकल 35A के ही तहत तय की जा सकती है. यह कानून 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के तहत शामिल किया गया था. इसे संसद में संविधान संशोधन के जरिए आर्टिकल 368 के तहत नहीं जोड़ा गया है. केंद्र सरकार इस कानून में बदलाव पर विचार कर रही है.

महबूबा ने कहा था-35A से छेड़छाड़ बारूद को हाथ लगाने जैसा
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि उनके पूर्व सहयोगी दल राज्य में आर्टिकल 35A के खिलाफ काम कर रहे हैं. उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि 35A के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने जैसा होगा. इसके लिए जो हाथ उठेगा वो हाथ नहीं पूरा जिस्म जलकर राख हो जाएगा.


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First published: August 5, 2019, 9:10 AM IST
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