लाइव टीवी

'अनुच्छेद 370 और 35ए अनावश्यक बोझ इन्‍हें हटाया जाए'

भाषा
Updated: November 14, 2017, 6:46 PM IST
'अनुच्छेद 370 और 35ए अनावश्यक बोझ इन्‍हें हटाया जाए'
रमजान में सीजफायर के बाद क्या बदलेगी घाटी की तस्वीर

अश्विनी कुमार छरंगू ने कहा कि ये कानून ‘भारतीय संविधान के तहत भारतीय नागरिकों को मिले मौलिक अधिकारों का खंडन’ करते हैं

  • Share this:
कश्मीरी पंडितों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को अतीत का ‘अनावश्यक बोझ’ बताया और इन कानूनों को निरस्त करने की मांग की.

विस्थापित कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था पनून कश्मीर के अध्यक्ष अश्विनी कुमार छरंगू ने कहा कि ये कानून ‘भारतीय संविधान के तहत भारतीय नागरिकों को मिले मौलिक अधिकारों का खंडन’ करते हैं. ‘इन्हें जल्द से जल्द निरस्त कर देना चाहिए.’

अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता है जबकि अनुच्छेद 35ए राज्य विधानसभा को स्थाई नागरिक परिभाषित करने की शक्ति देता है.

छरंगू ने संवाददाताओं को बताया, ‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए अतीत का एक अनावश्यक बोझ बन गए हैं.’ साल 2007 में अपनी मांगों के समर्थन में आयोजित किए गए 50 दिवसीय कश्मीर ‘संकल्प यात्रा’ के दस साल पूरे होने पर कश्मीरी पंडितों ने जम्मू में एक ‘दशक कार्यक्रम’ का आयोजन किया.

कश्मीरी पंडितों के हितों का प्रतिनिधितित्व करने वाली कश्मीरी डिसप्लेस्ड सिख फोरम और यूथ ऑल इंडिया कश्मीर समाज जैसी कई संस्थाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.

ये भी पढ़ें: माल्या की प्रॉपर्टी के लिए नहीं मिल रहे खरीदार, छठी बार होगी नीलामी

राष्ट्रपति के हाथों उदयपुर की लब्धि को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 14, 2017, 6:46 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर