CoWIN पर रजिस्टर करने पर मिलेगा सिक्युरिटी कोड, केंद्र पर दिखाने के बाद लगेगा टीका

सेंटर पर यह कोड दिखाना अनिवार्य होगा और साथ ही यह वैक्सीन सर्टिफिकेट पर भी दर्ज होगा. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

सेंटर पर यह कोड दिखाना अनिवार्य होगा और साथ ही यह वैक्सीन सर्टिफिकेट पर भी दर्ज होगा. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Vaccination in India: डेटा एंट्री में गलतियां होने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं. हालांकि, सरकार अब नए 4 अंकों के कोड के जरिए इस परेशानी से निपटने जा रही है. अब cowin.gov.in पर वैक्सिनेशन बुक कराने के बाद एक कोड मिलेगा.

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नई दिल्ली. टीकाकरण (Vaccination) के दौरान कई बार डेटा एंट्री के मामले में गड़बड़ी होने के मामले सामने आए हैं. ऐसे में गलतियों को स्वीकारते हुए सरकार ने कोविन सॉफ्टवेयर (CoWIN Software) में नए सुरक्षा बदलाव करने का ऐलान किया है. अब वैक्सीन बुकिंग के बाद लाभार्थी को 4 अंकों का एक कोड मिलेगा, जिसे टीकाकरण केंद्र (Vaccine Centre) पर प्रस्तुत करना होगा. सरकार ने बीती 1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को वैक्सीन लगाने का फैसला किया था.

क्या होगी नई व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में ऐसे कुछ मामले सामने आए थे, जहां लाभार्थी ने वैक्सीन प्राप्त नहीं की है, लेकिन सॉफ्टवेयर में टीका प्राप्त बताया जा रहा है. डेटा एंट्री में गलतियां होने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं. हालांकि, सरकार अब नए 4 अंकों के कोड के जरिए इस परेशानी से निपटने जा रही है. अब cowin.gov.in पर वैक्सिनेशन बुक कराने के बाद एक कोड मिलेगा. सेंटर पर यह कोड दिखाना अनिवार्य होगा और साथ ही यह वैक्सीन सर्टिफिकेट पर भी दर्ज होगा.

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क्या करना पड़ा ऐसा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे कई लोग थे जिन्हें मैसेज प्राप्त हो रहे थे कि उन्होंने वैक्सीन का पहला डोज प्राप्त कर लिया है. जबकि, वे तय तारीख पर टीका लगवाने पहुंचे ही नहीं थे. बुकिंग के बाद जेनरेट होने वाले इस कोड के बारे में टीका लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को जानकारी नहीं होगी. वैक्सीन लगाने से पहले लाभार्थी से इस कोड के बारे में पूछा जाएगा.





देश में टीकाकरण के आंकड़े क्या कहते हैं

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े बताते हैं कि देश में अब तक 16 करोड़ 49 लाख 73 हजार 58 डोज लगाए जा चुके हैं. इनमें से पहले डोज की संख्या 13 करोड़ 20 लाख 87 हजार 824 है. जबकि, 3 करोड़ 28 लाख 85 हजार 234 दूसरे डोज लगाए जा चुके हैं. देश में बीती 16 जनवरी से टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो गया था. सरकार ने पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का फैसला किया था. फिलहाल ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से सीरम इंस्टीट्यूट में तैयार हुई कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिली है.

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