दुकान का नाम 'कराची स्वीट्स' देखकर भड़के शिवसेना नेता, कहा- इसे बदलकर मराठी में कुछ रखो; वीडियो वायरल

शिवसेना नेता नंदगांवकर ने दुकान मालिक को 15 दिनों का समय दिया है. (फोटो: ANI/Twitter)
शिवसेना नेता नंदगांवकर ने दुकान मालिक को 15 दिनों का समय दिया है. (फोटो: ANI/Twitter)

मुंबई में शिवसेना के नेता नंदगांवकर बांद्रा स्थित कराची स्वीट्स पर पहुंच गए और उसके मालिक से दुकान का नाम बदलने की मांग करने लगे. पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस मामले पर सफाई दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2020, 1:07 AM IST
  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र के एक बेकरी वाले को अपनी दुकान के नाम के कारण शिवसेना नेता नितिन मधुकर नंदगांवकर के गुस्से का सामना करना पड़ा. नंदगांवकर को दुकान का नाम इसलिए पसंद नहीं आया क्योंकि इसका ताल्लुक पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) से है. मामले का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर शेयर किया जा रहा है. हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस तरह के किसी भी बयान से पल्ला झाड़ा है. उन्होंने कहा कि यह बयान पार्टी की तरफ से आधिाकारिक रूप से नहीं दिया गया है.

क्या था मामला
दरअसल, मुंबई में शिवसेना (Shivsena) के नेता नंदगांवकर बांद्रा स्थित कराची स्वीट्स (Karachi Sweets) पहुंच गए और उसके मालिक से दुकान का नाम बदलने की मांग करने लगे. मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में नंदगांवकर दुकान मालिक से कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्हें दुकान का नाम इसलिए पसंद नहीं है, क्योंकि इसका संबंध पाकिस्तान से है.

शिवसेना नेता ने दुकान मालिक से कहा, 'हम आपको समय दे रहे हैं, आपको बदलाव करने होंगे क्योंकि यह नाम पाकिस्तान से मिलता-जुलता है.' नंदगांवकर ने कहा, 'कराची को कुछ मराठी से बदल दीजिए.' इतना ही नहीं इस काम में उन्होंने दुकानदार की मदद की भी पेशकश की और कहा कि दुकान का नाम सरकारी रिकॉर्ड्स में भी बदल जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह 15 दिन बाद फिर से दुकान आकर देखेंगे. हालांकि, इस दौरान दुकान मालिक ने नंदगांवकर को समझाने की काफी कोशिश की.



दुकान का पाकिस्तान से नहीं है कोई संबंध: संजय राउत
संजय राउत ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि कराची बेकरी और कराची स्वीट्स मुंबई में 60 साल से हैं. उनका पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है. इनसे नाम बदलने का कहने का कोई मतलब नहीं बनता है. उन्होंने कहा कि नाम बदलने की मांग करना शिवसेना का आधिकारिक मत नहीं है. इसके अलावा वीडियो में भी दुकान मालिक यह कहता हुआ नजर आ रहा है कि उनकी दुकान का पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है. दुकान मालिक ने बताया कि यह नाम उनके पूर्वजों ने रखा था, जो विभाजन के बाद भारत आ गए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज