ओडिशा के इस टीचर को पढ़ाता देख आप 'तारे ज़मीन पर' के 'निकुंब सर' को भी भूल जाएंगे

सोशल मीडिया (social media) पर वायरल (viral video) हो रहे प्रफुल्ल कुमार ओडिशा (Odisha) के कोरापुट जिले के एक प्राइमरी स्कूल (Primary School) के हेडमास्टर हैं. प्रफुल्ल के नाच-गाने के तरीकों के कारण उन्हें अब 'डांसिंग सर' के नाम से जाना जाने लगा है.

News18Hindi
Updated: August 26, 2019, 9:21 AM IST
ओडिशा के इस टीचर को पढ़ाता देख आप 'तारे ज़मीन पर' के 'निकुंब सर' को भी भूल जाएंगे
ओडिशा के कोरापुट जिले के प्राइमरी स्कूल बच्चों को कुछ अलग अंदाज में पढ़ाते हेडमास्टर प्रफुल्ल कुमार.
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Updated: August 26, 2019, 9:21 AM IST
अगर आपने 'तारे ज़मीन पर' (Taare Zameen Par) फिल्म देखी है तो आपको आमिर खान (Aamir Khan) 'निकुंब सर' भी याद होंगे. फिल्म (film) में निकुंब सर बच्चों को ब्लैक बोर्ड की जगह नाच-गाने के साथ पढ़ाना पसंद करते थे. हम आपको ऐसे ही एक टीचर का वीडियो (video) दिखाने जा रहे हैं जो बच्चों को स्कूल (school) में नाच-गाकर पढ़ाते हैं और बच्चे भी उनके साथ पूरी मस्ती करते दिखाई देते हैं. ओडिशा के प्रफुल्ल कुमार पाठी अपनी क्लास के बच्चों को कुछ इस अंदाज में पढ़ाते हैं कि उनकी क्लास का बच्चे इंतजार करते रहते हैं.

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे प्रफुल्ल कुमार ओडिशा (Odisha) के कोरापुट जिले के एक प्राइमरी स्कूल (Primary School) के हेडमास्टर हैं. 56 साल के प्रफुल्ल अपने पढ़ाने के तरीकों से इलाके में मशहूर हैं. साल 2008 में उन्होंने बच्चों को पढ़ाने का नया तरीका निकाला. प्रफुल्ल के नाच-गाने के तरीकों के कारण उन्हें अब 'डांसिंग सर' के नाम से जाना जाता है. उन्होंने बताया कि जब उन्हें सर्व शिक्षा अभियान के तहत रिसोर्स पर्सन के रूप में तैनात किया गया था, तभी उन्होंने बच्चों को ब्लैक बोर्ड से दूर रखने का फैसला किया और नए तरीके से बच्चों का ज्ञान बढ़ाने की शुरुआत की.



प्रफुल्ल ने बताया कि जब मैंने बच्चों को नाच-गाकर पढ़ाना शुरू किया तो मैंने देखा कि बच्चे ज्यादा अच्छी तरह से कोई भी चीज याद कर पा रहे हैं. बच्चों को मेरा पढ़ाने का तरीका काफी अच्छा लगने लगा है और उन्हें भी अब स्कूल से काफी लगाव हो गया है. प्रफुल्ल, बच्चों को पढ़ाने से पहले किताब में लिखी कविताओं और कहानियों पर खूब मेहनत करते हैं और उनके हिसाब से उसे गानों में ढाल लेते हैं.

बच्चों की नींद भगाने का है अच्छा तरीका
हेडमास्टर प्रफुल्ल बताते हैं कि जब वह बच्चों को पढ़ाने के लिए क्लास में जाते हैं तो उनकी कोशिश होती है कि बच्चे फिजिकली ऐक्टिव रहें क्योंकि अकसर दोपहर के खाने के बाद बच्चों को नींद आ जाती है. बच्चों के साथ नाचने से बच्चों की नींद खत्म हो जाती है और वह और ताजगी के साथ पढ़ाई करने लगते हैं.

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First published: August 26, 2019, 8:27 AM IST
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