सीरम अगले महीने से बच्चों के लिए शुरू करेगी कोवोवैक्स का ट्रायल! सितंबर तक लॉन्चिंग की उम्मीद

वैक्सीन की कुल प्रभावकारिता दर 90.4 प्रतिशत रही थी. (सांकेतिक तस्वीर)

Vaccine for Kids: नोवावैक्स ने घोषणा की थी कि वैक्सीन ने PREVENT-19 फेज 3 ट्रायल में शानदार परिणाम दिए हैं. ये ट्रायल्स अमेरिका और मेक्सिको की 119 साइट्स पर हुए थे. ट्रायल्स के बाद मिले डेटा के मुताबिक, वैक्सीन की कुल प्रभावकारिता दर 90.4 प्रतिशत रही थी.

  • Share this:
    नई दिल्ली. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) में अगले महीने यानि जुलाई से बच्चों पर नोवावैक्स (Novavax) की वैक्सीन कोवोवैक्स (Covovax) का ट्रायल शुरू हो सकता है. इस बात की जानकारी एक रिपोर्ट में मिली है. नोवावैक्स ने बीते साल सितंबर में सीरम के साथ उत्पादन समझौते की घोषणा की थी. सीरम ने उम्मीद जताई है कि कोवोवैक्स देश में सितंबर तक लॉन्च हो सकती है. नोवावैक्स ने जानकारी दी थी कि हाल ही में किए गए ट्रायल्स में वैक्सीन ने बेहतर परिणाम दिए हैं.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीरम जुलाई से नोवावैक्स की कोविड-19 वैक्सीन NVX-CoV2373 के ट्रायल की शुरुआत कर सकती है. इस हफ्ते नोवावैक्स ने घोषणा की थी कि वैक्सीन ने PREVENT-19 फेज 3 ट्रायल में शानदार परिणाम दिए हैं. ये ट्रायल्स अमेरिका और मेक्सिको की 119 साइट्स पर हुए थे. ट्रायल्स के बाद मिले डेटा के मुताबिक, वैक्सीन की कुल प्रभावकारिता दर 90.4 प्रतिशत रही थी.

    नोवावैक्स की तरफ से ट्रायल डेटा की घोषणा किए जाने के बाद भारत में कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख ने भी जल्द ट्रायल्स की बात कही थी. उन्होंने सीरम से बच्चों की आबादी पर बगैर देरी किए इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स शुरू करने की अपील की थी. भाषा के अनुसार, मंगलवार को नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़े यह संकेत भी देते हैं कि टीका सुरक्षित व बेहद प्रभावी है.

    यह भी पढ़ें: COVID-19 in India: कोरोना के मामलों में गिरावट जारी, 24 घंटे में मिले 62480 केस, 1587 की मौत

    उन्होंने कहा, 'उपलब्ध आंकड़ों से हम जो देख रहे हैं वह यह कि टीका बेहद सुरक्षित व प्रभावी है लेकिन जो तथ्य आज के लिए इस टीके को प्रभावी बनाता है वह यह कि टीके का उत्पादन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा किया जाएगा.'

    उन्होंने कहा था, 'मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि वह बच्चों पर भी परीक्षण शुरू करेंगे जिसमें हम सबकी विशेष तौर पर रुचि है. अगले हफ्ते की शुरुआत से टीकाकरण की गति को नई ऊर्जा मिलेगी जब हम नए सिरे से अपने प्रयासों, राज्यों के प्रयासों को संगठित करेंगे और जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव दिखेगा. देश भर में तेजी से टीकाकरण के प्रसार के लिए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर नए दिशानिर्देश बनाने के लिए टीमें काम कर रही हैं.'

    क्यों जरूरी है कोवोवैक्स के ट्रायल
    पहला, सरकार को उम्मीद है कि अगस्त और दिसंबर के बीच करीब 20 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध हो जाएंगे. कोवोवैक्स को 2 और 8 डिग्री सेल्सियस में रखा जा सकता है. इसके चलते यह भारत की कोल्ड चेन की जरूरतों को भी पूरा करती है. दूसरा, नोवावैक्स वैक्सीन कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन से मिली एंटीजन को तैयार करने के लिए इस्तेमाल और परीक्षण की गई रीकॉम्बिनेंट नेनोपार्टिकल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.