भारत में जल्द शुरू हो सकता है इंट्रानैजल कोरोना वैक्सीन के आखिरी चरण का ट्रायल: डॉ हर्षवर्धन

हर्षवर्धन ने कहा कि अंतिम चरण के परीक्षण में आमतौर पर हजारों प्रतिभागी शामिल होते हैं (सांकेतिक तस्वीर)
हर्षवर्धन ने कहा कि अंतिम चरण के परीक्षण में आमतौर पर हजारों प्रतिभागी शामिल होते हैं (सांकेतिक तस्वीर)

Corona Vaccine Update: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंतिम चरण के परीक्षण में आमतौर पर हजारों प्रतिभागी शामिल होते हैं, कभी-कभी 30,000 से 40,000. फिलहाल देश में किसी भी नासिका संबंधी टीके का परीक्षण नहीं चल रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 12:59 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Dr. Harsh Vardhan) ने रविवार को कहा कि सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) और भारत बायोटेक (Bharat BioTech) को आने वाले महीनों में इंट्रानैजल कोविड -19 टीके (Covid-19 Vaccine) के अंतिम चरण के क्लीनिकल ट्रायल्स को आगे बढ़ाने की उम्मीद है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि फिलहाल देश में किसी भी नासिका संबंधी टीके का परीक्षण नहीं चल रहा है लेकिन सेरम इंस्टीट्यूट या भारत बायोटेक द्वारा आगामी महीनों में नियामकीय मंजूरी के बाद ऐसे टीकों के क्लीनिकल परीक्षण किये जाने की संभावना है.

हर्षवर्धन ने कहा कि अंतिम चरण के परीक्षण में आमतौर पर हजारों प्रतिभागी शामिल होते हैं, कभी-कभी 30,000 से 40,000. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, वर्तमान में तीसरे चरण के परीक्षणों के तहत सभी को इंजेक्शन द्वारा टीके दिए जा रहे हैं. वहीं डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड को कोविड-19 के रूस में बने टीके स्पूतनिक वी का भारत में दूसरे व तीसरे चरण का मानव परीक्षण करने की मंजूरी मिल गयी है.

डीजीसीए ने दी रूसी टीके के परीक्षण की मंजूरी
कंपनी ने बताया कि उसे और रसियन डाइरेक्ट इवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) को भारतीय औषधि महा नियंत्रक (डीजीसीआई) से यह मंजूरी प्राप्त हुई है. कंपनी ने कहा कि यह एक नियंत्रित अध्ययन होगा, जिसे कई केंद्रों पर किया जायेगा. इससे पहले सितंबर 2020 में डॉ.रेड्डीज़ और आरडीआईएफ ने स्पुतनिक वी वैक्सीन के परीक्षण और भारत में इसके वितरण के लिये साझेदारी की थी. साझेदारी के तहत आरडीआईएफ भारत में विनियामक अनुमोदन पर डॉ.रेड्डीज को वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगा.
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रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 61,871 मामले सामने आए हैं. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है.

देश में सर्दी के चलते आ सकती है कोरोना की दूसरी लहर
वहीं देश में पिछले तीन सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में कमी आई है और अधिकतर राज्यों में संक्रमण का प्रसार थमा है लेकिन नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने सर्दी के मौसम में संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका से इनकार नहीं किया. पॉल देश में महामारी से निपटने के प्रयासों में समन्वयन के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल के प्रमुख भी हैं. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि एक बार कोविड-19 का टीका आ जाए, उसके बाद उसे नागरिकों को उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में पिछले तीन सप्ताह में कमी आई है और अधिकतर राज्यों में संक्रमण का प्रसार थमा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि पांच राज्य (केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल) और तीन से चार केन्द्र शासित क्षेत्र हैं जहां अब भी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.’’ वह ‘नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 (एनईजीवीएसी) के भी प्रमुख हैं.

उनके मुताबिक भारत अब कहीं बेहतर स्थिति में है लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना है क्योंकि 90 प्रतिशत लोग अब भी कोरोना वायरस से आसानी से संक्रमित हो सकते हैं. (भाषा के इनपुट सहित)
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