सीरम इंस्टीट्यूट के CEO का दावा, ट्रायल सही रहा तो सितं​बर तक आ जाएगी कोरोना वैक्सीन

सीरम इंस्टीट्यूट के CEO का दावा, ट्रायल सही रहा तो सितं​बर तक आ जाएगी कोरोना वैक्सीन
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण की वजह से दो लाख से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत.

पुणे (Pune) के सीरम इंस्टीट्यूट (serum institute) के सीईओ अडर पूनावाला ने बताया कि इस टीके की कीमत 1000 रुपये के करीब हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 9:57 AM IST
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नई दिल्ली. चीन (China) से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) ने अब तक दो लाख से अधिक लोगों की जान ली है जबकि 30 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित बताए जा रहे हैं. सभी देश कोरोना वायरस को पूरी तरह से खत्म करने की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं. वैज्ञानिकों की इन कोशिशों के बीच भारत में कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि यदि ट्रायल सफल रहा तो इसी साल सितंबर या अक्टूबर तक कोरोना वैक्सीन बाजार में उतारी जा सकती है. पुणे (Pune) के सीरम इंस्टीट्यूट (serum institute) के सीईओ अडर पूनावाला ने बताया कि इस टीके की कीमत 1000 रुपये के करीब हो सकती है.

बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक, पूनावाला ने कहा कि वह जोखिम लेते हुए कोरोना के टीके के एडवांस परीक्षण से पहले ही इसके उत्पादन की कोशिश करेंगे. उन्होंने बताया कि अगले महीने के अंत से ही इसका उत्पादन शुरू हो सकता है और परीक्षण सफल रहा तो सितंबर या अक्टूबर तक इसे बाजार में उपलब्ध करा दिया जाएगा.

उन्होंन बताया कि ​ब्रिटेन ने अभी टीके के क्लीनिकल ट्रायल की घोषणा की है जबकि हमने उत्पादन की पहल कर दी है. ट्रायल सफल रहा तो कोरोना वैक्सीन की पहली खेप सितंबर या अक्टूबर में बाजार में उतार दी जाएगी. उन्होंने बताया कि हमने वैक्सीन बनाने का फैसला पहले इसलिए लिया है ताकि ट्रायल सफल होने के बाद इसे तुरंत बाजार में लाया जा सके. अगर ट्रायल के सफल होने के बाद उत्पादन शुरू किया गया तो इसमें काफी वक्त लग जाएगा. हमारी कोशिश है कि हम वैक्सीन को जल्द से जल्द लोगों तक पहंचा सकें. उन्होंने बताया कि मई के अंत तक इसका ह्यूमन ट्रायल भी पूरा कर लिया जाएगा.



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अगले तीन हफ्तों में वैक्सीन का उत्पादन शुरू होगा
पूनावाला ने बताया कि अगले तीन हफ्तों में वैक्सीन बनाने का काम शुरू हो जाएगा. उन्होंने बताया​ कि कंपनी हर महीने 40 से 50 लाख डोज बनाएगी. इसके बाद उत्पादन को और तेजी से बढ़ाया जाएगा और कंपनी हर महीने 1 करोड़ वैक्सीन बनाने लगेगी. सितंबर-अक्टूबर तक उत्पादन बढ़कर हर महीने 4 करोड़ तक पहुंच सकता है. बाद में इसे हम दूसरे देशों भी निर्यात करेंगे.

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