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भारत सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट को दिया कोरोना वैक्सीन का ऑर्डर, इतनी होगी कीमत

एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन का उत्पादन भारत के सीरम इंस्टिट्यूट में हो रहा है. (फाइल फोटो)
एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन का उत्पादन भारत के सीरम इंस्टिट्यूट में हो रहा है. (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccine: सीरम इंस्टीट्यूट के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि भारत सरकार ने सीरम की वैक्सीन खरीदने के लिए ऑर्डर दिया है. सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से पहले बताया गया था कि बाजार में इसका एक इंजेक्शन या खुराक 1,000 रुपये में बेची जाएगी लेकिन भारत सरकार को ये वैक्सीन 200 रुपये में उपलब्ध करायी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2021, 6:10 PM IST
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नई दिल्ली. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) को भारत सरकार (Govt of India) ने कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) खरीदने का ऑर्डर दिया है. सीरम इंस्टीट्यूट के आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ने सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का ऑर्डर दिया है. सरकार को सीरम इंस्टीट्यूट ये वैक्सीन 200 रुपये में उपलब्ध कराएगी. भारत का औषधि नियामक पहले ही सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड (Oxford) के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ (Covishield) के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे चुका है.

भारत में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने जा रही है. कोविशील्ड को ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने मिलकर विकसित किया है. यह पहला टीका है जिसके तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों पर एक वैज्ञानिक अध्ययन प्रकाशित हुआ है. कोविशील्ड को अब तक ब्रिटेन, अर्जेंटीना, मेक्सिको और भारत में आपात उपयोग की मंजूरी मिली है. वैज्ञानिकों ने इस टीके को विकसित करने के लिए चिंपाजी को संक्रमित करने वाले एडेनोवायरस के प्रारूप पर अनुसंधान किया.

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आसानी से स्टोर की जा सकती है वैक्सीन
कोविशील्ड का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) कर रहा है. बाजार में इसका एक इंजेक्शन या खुराक 1,000 रुपये में बेची जाएगी लेकिन भारत सरकार को एसआईआई ये सिर्फ 200 रुपये में उपलब्ध कराएगी. एसआईआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला ने यह जानकारी दी थी.

एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड टीके के शीत भंडारण करने की अपेक्षाकृत कम जरूरत होगी क्योंकि इसे सामान्य रेफ्रीजेरेटर तापमान (दो से आठ डिग्री सेल्सियसम) पर कम से कम छह महीने तक रखा जा सकता है और एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है.

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कोविड-19 टीकाकरण अभियान में करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके बाद 50 वर्ष से अधिक आयु के करीब 27 करोड़ व्यक्तियों और अन्य बीमारियों से ग्रसित 50 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा.

इससे पहले एस्ट्राजेनेका कंपनी ने कहा कि उसका टीका नैदानिक परीक्षण में प्रभावी व सुरक्षित पाया गया है. टीके की दूसरी खुराक के 14 दिन से अधिक समय तक किसी को भी अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा है और न ही किसी को गंभीर नतीजों से जूझना पड़ा है.

एस्ट्राजेनेका ने कहा कि वह 2021 में वैश्विक स्तर पर तीन अरब खुराक की विनिर्माण क्षमता हासिल करने के लिए भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है.
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