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भारत में बढ़ी कोरोना वैक्सीन की मांग, सीरम अब ब्राजील, मोरक्को और सऊदी अरब को देर से भेजेगी टीके की खेप: रिपोर्ट

कोरोना वैक्सीन

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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी है. यह बिल गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर कई गरीब देशों को भी कोरोना वैक्सीन (Coronavaccine) सप्लाई कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 3:28 PM IST
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नई दिल्ली. दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने ब्राजील, सऊदी अरब और मोरक्को को बताया है कि अपने देश में ज्यादा मांग के चलते कोरोना की वैक्सीन (Coronavaccine) की सप्लाई में देरी होगी. बता दें कि SII फार्मा कंपनी एस्ट्रेजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) बनाती है. इन दिनों सीरम इंस्टीट्यूट की आलोचना हो रही है. दरअसल कंपनी पर आरोप लग रहे हैं कि वो दूसरे देशों को वैक्सीन बेच रही है, जबकि खुद अपने देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

कुछ दिन पहले ब्रिटेन ने कहा था कि उन्हें अपने टीकारण अभियान को थोड़ा धीमा करना पड़ रहा है. दरअसल सीरम इंस्टीट्यूट ने उन्हें भी कहा है कि वो उन्हें वैक्सीन की खेप देर से देंगे. ब्रिटेन ने SII को एक करोड़ डोज़ का ऑर्डर दिया है. इसमें से करीब आधे डोज की सप्लाई ब्रिटेन को हो चुकी है.

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी है. कंपनी बिल गेट्स फाउंडेशन और दूसरे गरीब देशों को भी वैक्सीन का सप्लाई कर रही है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी अब अपना उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है. फिलहाल हर महीने 60-70 मिलियन डोज बन रहे हैं, लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि अप्रैल के बाद डोज़ की संख्या हर महीने एक करोड़ पहुंच सकती है.
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दुनिया में सर्वाधिक संख्या में टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर वर्तमान औषधि नियामक व्यवस्था में सुधार का प्रस्ताव दिया है. इसमें क्लीनिकल परीक्षण के दौरान गैर कोविड टीके के निर्माण एवं भंडारण की अनुमति देना भी शामिल है.
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