पहले डिजिटल मीडिया को देखना चाहिए, चैनलों के लिए गाइडलाइन पर केंद्र ने SC से कहा

पहले डिजिटल मीडिया को देखना चाहिए, चैनलों के लिए गाइडलाइन पर केंद्र ने SC से कहा
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (Electronic Media) के लिए स्टैंडर्ड तय करने के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होनी है.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को दिए गए हलफनामे में कहा कि मुख्यधारा के मीडिया में प्रकाशन और प्रसारण तो एक बार का काम होता है, लेकिन डिजिटल मीडिया (Digital Media) की व्यापक रूप से भारी संख्या में पाठकों तक पहुंच है. इसमें वाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के कारण वायरल होने की संभावना रहती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 6:07 PM IST
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(उत्कर्ष आनंद)

नई दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (Electronic Media) के लिए स्टैंडर्ड तय करने के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होनी है. इस बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( न्यूज चैनलों) से पहले डिजिटल मीडिया (Digital Media) को देखना चाहिए.

केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा कि मुख्यधारा के मीडिया में प्रकाशन और प्रसारण तो एक बार का काम होता है, लेकिन डिजिटल मीडिया में व्यापक रूप से भारी संख्या में पाठकों तक पहुंच है. इसमें वाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के कारण वायरल होने की संभावना रहती है. सरकार ने कहा कि अगर टीवी मीडिया के गंभीर प्रभाव और क्षमता को देखते हुए अदालत ने यह अभ्यास करने का फैसला किया है, तो इसे पहले डिजिटल मीडिया के संबंध में किया जाना चाहिए.



केंद्र ने कहा कि पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के संबंध में पर्याप्त रूपरेखा और न्यायिक घोषणाएं मौजूद हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मामलों व मिसालों से संचालित होता है. लिहाजा हमें पहले डिजिटल मीडिया पर काम करना चाहिए.


केंद्र ने अदालत में ये भी कहा कि याचिका केवल एक चैनल यानी सुदर्शन टीवी तक ही सीमित है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट को मीडिया के लिए दिशा-निर्देश जारी करने से लिए एमिकस क्यूरी या समिति के गठन की कवायद नहीं करनी चाहिए.

सरकार का यह हलफनामा सुदर्शन टीवी के एक शो से जुड़ा है. मंगलवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने इस शो के प्रसारण पर यह कहकर रोक लगा दी थी कि यह एक समुदाय विशेष का अपमान करने की कोशिश है. मंगलवार को कोर्ट ने यह कहते हुए सुदर्शन टीवी के 'UPSC जिहाद' के एपिसोड के प्रसारण रोका था कि एक समुदाय को निशाना बनाकर उन्हें खास तरह से ब्रांड नहीं किया जा सकता.
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