लाइव टीवी

शनि शिंगणापुर में टूटी 400 साल पुरानी परंपरा, चबूतरे पर चढ़ महिलाओं ने की पूजा

News18India.com
Updated: April 8, 2016, 6:30 PM IST

अहमदनगर में मौजूद शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए महिलाओं को मंदिर के चबूतरे पर चढ़ने की इजाजत दे दी है। इसके बाद दो महिलाएं चबूतरे पर गईं और पूजा की।

  • Share this:
अहमदनगर। अहमदनगर में मौजूद शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए महिलाओं को मंदिर के चबूतरे पर चढ़ने की इजाजत दे दी। इजाजत मिलने के बाद दो महिलाए शनि मंदिर के चबूतरे पर गईं और पूजा अर्चना की। इससे पहले ट्रस्ट ने महिलाओं को मंदिर में पूजा करने से नहीं रोकने का फैसला किया था।  शनि शिंगणापुर ट्रस्ट ने कहा कि हमने रोज ही महिलाओं को चबूतरे तक जाने की इजाजत दे दी है।

आज गुड़ी पड़वा के मौके पर बड़ी संख्या में पुरुष श्रद्धालु मंदिर के गर्भ में प्रवेश कर गए और जबरदस्ती जल चढ़ा दिया। बता दें कि मंदिर के गर्भ गृह में महिलाओं के प्रवेश के बाद पुरुषों के प्रवेश पर भी रोक लगा दिया गया था। भूमाता ब्रिगेड की नेत्री तृप्ति देसाई ने इसे बहुत बड़ी जीत बताया। उन्होंने IBN7 से कहा कि हम शनि शिंगनापुर के लिए निकल पड़े है। हमें उम्मीद है कि रोज महिलाओं को यहां इजाजत दी जाएगी। हम जलाभिषेक करेंगे और पूजा करेंगे। गुड़ी पड़वा के दिन ये शनि भगवान का गिफ्ट है।

वहीं इससे पहले महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन की वजह से शनि शिंगणापुर मंदिर के प्रशासन ने किसी विवाद से बचने के लिए 400 साल पुरानी रीति को छोड़ पुरुषों की एंट्री पर भी रोक लगा दी थी। बता दें कि गुड़ी पड़वा के मौके पर यहां देवता को नहलाया जाता है जिसमें सिर्फ पुरुष शामिल होते थे। लेकिन मंदिर के प्रशासन के फैसले को ना मानते हुए यहां पुरुषों ने जबरदस्ती पवित्र शिला वाले चबूतरे पर जल चढ़ा दिया।

shani

मंदिर ट्रस्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में और भी मंदिरों, मस्जिदों में हर जगह महिलाओं को जाने की इजाजत मिलनी चाहिए। बीजेपी नेता शाइना एनसी ने कहा कि ये हर महिला की जीत है।

याचिकाकर्ता नीलिमा वर्तक ने भी इसे अच्छा फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह देर से लिया गया फैसला है। अब हर जगह पूजा के लिए इजाजत देनी चाहिए।'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 8, 2016, 12:16 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर