Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    निलंबित सांसदों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए शरद पवार रख रहे हैं उपवास

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने एक दिन का उपवास रखा.
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने एक दिन का उपवास रखा.

    राज्यसभा (Rajya Sabha) के आठ सदस्यों के निलंबन के विरोध में शरद पवार (Sharad Pawar) मंगलवार को एक दिन का उपवास (fasting) रख रहे हैं. एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार ने उपसभापति के आचरण और मोदी सरकार के प्रति क्षोभ व्यक्त किया

    • भाषा
    • Last Updated: September 22, 2020, 5:04 PM IST
    • Share this:
    मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि, राज्यसभा के आठ सदस्यों के निलंबन के विरोध में वह मंगलवार को एक दिन का उपवास रख रहे हैं. कृषि विधेयकों के पारित होने के दौरान रविवार को सदन में उपसभापति के साथ 'दुर्व्यवहार' करने के लिए सांसदों को वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है. यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार ने उपसभापति के आचरण और मोदी सरकार के प्रति क्षोभ व्यक्त किया.

    उन्होंने कहा कि, सरकार सदन में विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है. उन्होंने दावा कि आठों सांसदों को उनके विचारों की अभिव्यक्ति के लिए निलंबित किया गया. पवार ने कहा कि उपसभापति ने सदन के नियमों को प्राथमिकता नहीं दी. दूसरी ओर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि, कृषि संबंधी दो विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान मत विभाजन की सदस्यों की मांग पर गौर नहीं किया गया.

    यह भी पढ़ें: पंजाब-हरियाणा के आढ़ती कृषि बिल से नाराज, बोले-मंडी सिस्टम बर्बाद हो जाएगा



    सभापति नायडू ने कहा कि, रविवार को कृषि संबंधी विधेयकों पर विपक्ष के हंगामे के दौरान उप सभापति हरिवंश ने 13 बार सदस्यों से अपनी सीट पर जाने और चर्चा में भाग लेने की अपील की थी.
    यह भी पढ़ें: नायडू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया, कहा- उप सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से 13 बार अपील की

    उन्होंने कहा कि, कार्यवाही के रिकार्ड से स्पष्ट है कि, उप सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से बार-बार कहा कि, वे अपने स्थान पर जाएं. और उसके बाद वह मत विभाजन की अनुमति देंगे. नायडू ने कहा कि वह हंगामा करने वाले सदस्यों के निलंबन से खुश नहीं हैं, लेकिन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई उनके आचरण को लेकर हुई है. उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है. जब सदन में सदस्य निलंबित किए गए हैं. विगत में ऐसे कई उदाहरण हैं.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज