कभी मोदी के नाम के कसीदे काढ़ने वाले राज ठाकरे को पवार ने ही सौंपी थी विपक्ष के प्रचार की कमान

मनसे राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से किसी पर प्रत्याशी नहीं उतार रही है. बावजूद इसके इस भूमिका के लिए राज ठाकरे के तैयार होने से बीजेपी के माथे पर बल पड़ गए हैं.


Updated: April 16, 2019, 9:06 PM IST
कभी मोदी के नाम के कसीदे काढ़ने वाले राज ठाकरे को पवार ने ही सौंपी थी विपक्ष के प्रचार की कमान
राज ठाकरे को विपक्ष के प्रचार अभियान की कमान सौंपने के पीछे शरद पवार का ही दिमाग था.

Updated: April 16, 2019, 9:06 PM IST
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के मुखिया राज ठाकरे लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के प्रचार अभियान की कमान संभाल रहे हैं. कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के कसीदे काढ़ने वाले राज ठाकरे को इस जिम्मेदारी के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने तैयार किया था. लेकिन अब ठाकरे चुनाव प्रचार के दौरान मोदी की जमकर आलोचना करते दिखाई देंगे.

मनसे महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से किसी पर अपने प्रत्याशी नहीं उतार रहा है. बावजूद इसके इस भूमिका के लिए राज ठाकरे के तैयार होने से बीजेपी नेताओं के माथे पर बल पड़ गए हैं. हालांकि यह तो 23 मई को नतीजों के दिन ही पता चलेगा कि पवार और ठाकरे की जोड़ी डिसरप्टर-इन-चीफ (प्रमुख हंगामेबाज) की भूमिका कितने अच्छे से निभा पाई? दोनों मोदी के खिलाफ हंगामा खड़ा करने में कितने सफल हुए? लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने कांग्रेस और एनसीपी का सफाया कर दिया था. तब कांग्रेस को महज दो सीटों पर ही जीत मिली थी, जबकि एनसीपी को महज 4 सीट से संतोष करना पड़ा था. हर मोर्चे पर केंद्र सरकार और बीजेपी का विरोध करने के बाद शिवसेना ने आम चुनाव के लिए फिर केंद्र में सत्तारूढ़ दल से गठबंधन कर लिया.

यह भी पढ़ें: राज ठाकरे बोले- राहुल गांधी को मिले पीएम बनने का मौका

2014 के बाद महाराष्ट्र में खूब हुई सियासी उठापटक 

लोकसभा चुनाव 2014 के बाद राज्य की सियासत में खासी उठापटक हुई. महज चार महीने बाद ही भाजपा ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में अकेले दम उतरने का फैसला किया. इसके बाद महाराष्ट्र में शिवसेना छोटे सहयोगी की भूमिका में आ गई. हालांकि, मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए महाराष्ट्र की रणनीति बनाते वक्त कांग्रेस-एनसीपी पर खूब मंथन किया. चूंकि राज्य और केंद्र में बीजेपी की सरकार है, इसलिए संसाधन कोई मुद्दा नहीं था. इसके बाद बीजेपी ने  महाराष्ट्र में शिवसेना को गठबंधन के लिए मनाने की कवायद शुरू की.

पवार-ठाकरे केंद्र और खासकर मोदी पर उठा रहे हैं सवाल 

पवार और ठाकरे प्रचार के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर हमला कर रहे हैं. दोनों केंद्र और मोदी को परेशान करने वाले सवाल कर रहे हैं. ठाकरे के अलावा भाजपा के कद्दावर नेता रहे गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे विपक्ष के दूसरे मुख्य प्रचारक हैं. पवार और ठाकरे के अलावा विपक्ष के कई नेता उनके भाषणों की तारीफें भी कर रहे हैं.
Loading...

यह भी पढ़ें: सीबीआई छापा मामले पर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने किया ममता बनर्जी का समर्थन

शुरुआती संकेतों से बढ़ा है कांग्रेस-एनसीपी का मनोबल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राज्य में चुनावी सभाओं के दौरान कई बार पवार पर सियासी हमला कर चुके हैं. इससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राज्य में कांग्रेस-एनसीपी ही असली विपक्ष हैं. पहले चरण के मतदान के बाद विदर्भ क्षेत्र से मिले शुरुआती संकेतों से कांग्रेस-एनसीपी का मनोबल भी बढ़ गया है. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में मोदी लहर का असर साफ दिखा था. यूपी में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी के लिए महाराष्ट्र में पकड़ बनाए रखना मुश्किल हो गया है.

पांच साल में कई आंदोलनों का गवाह बना महाराष्ट्र 

किसानों की समस्याओं को लेकर पिछले पांच साल में महाराष्ट्र में दो बड़े आंदोलन हो चुके हैं. इसके अलावा भीमा कोरेगांव हिंसा और मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन भी मोदी के शासनकाल में ही हुआ है. हालांकि अभी यह कहना काफी मुश्किल है कि इन आंदोलनों का लोकसभा चुनाव पर कितना असर होगा. महाराष्ट्र में कांग्रेस के पास कोई चेहरा तो नहीं है, लेकिन जातीय समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस बीच पवार-ठाकरे के प्रचार ने बीजेपी के प्रबंधकों, रणनीतिकारों और नेताओं के माथे पर बल डाल दिए हैं.

क क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स 
Loading...

और भी देखें

पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

वोट करने के लिए संकल्प लें

बेहतर कल के लिए#AajSawaroApnaKal
  • मैं News18 से ई-मेल पाने के लिए सहमति देता हूं

  • मैं इस साल के चुनाव में मतदान करने का वचन देता हूं, चाहे जो भी हो

    Please check above checkbox.

  • SUBMIT

संकल्प लेने के लिए धन्यवाद

काम अभी पूरा नहीं हुआ इस साल योग्य उम्मीदवार के लिए वोट करें

ज्यादा जानकारी के लिए अपना अपना ईमेल चेक करें

Disclaimer:

Issued in public interest by HDFC Life. HDFC Life Insurance Company Limited (Formerly HDFC Standard Life Insurance Company Limited) (“HDFC Life”). CIN: L65110MH2000PLC128245, IRDAI Reg. No. 101 . The name/letters "HDFC" in the name/logo of the company belongs to Housing Development Finance Corporation Limited ("HDFC Limited") and is used by HDFC Life under an agreement entered into with HDFC Limited. ARN EU/04/19/13618
T&C Apply. ARN EU/04/19/13626