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पवार बोले-अल्पसंख्यक चाहते थे हम शिवसेना के साथ सरकार बना लें, लेकिन BJP को दूर रखें

भाषा
Updated: January 23, 2020, 11:52 PM IST
पवार बोले-अल्पसंख्यक चाहते थे हम शिवसेना के साथ सरकार बना लें, लेकिन BJP को दूर रखें
शरद पवार की पार्टी एनसीपी महाराष्ट्र चुनावों में तीसरे नंबर पर रही थी.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में (Maharashtra assembly election) शिवसेना और भाजपा (BJP) ने गत वर्ष अक्टूबर में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन मुख्यमंत्री का पद को दोनों अलग हो गईं. शरद पवार (sharad Pawar) की कोशिशों के बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने सरकार बनाई.

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मुम्बई. राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने गुरुवार को कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा था कि यदि उनकी पार्टी शिवसेना (Shiv sena) के साथ हाथ मिलाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन भाजपा (BJP) को महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्ता से दूर रखा जाना चाहिए. शिवसेना और भाजपा (BJP) ने गत वर्ष अक्टूबर में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन मुख्यमंत्री का पद ढाई वर्ष बारी बारी से साझा करने के मुद्दे पर असहमति के चलते दोनों अलग हो गईं. उसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एक साथ आईं और काफी विचार विमर्श के बाद राज्य में सरकार बनाई.

राकांपा के अल्पसंख्यक इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पवार ने इस बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि (उस समय) राज्य में तीन चार सप्ताह से (शिवसेना..भाजपा द्वारा) सरकार गठन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था. पवार ने कहा कि शिवसेना के साथ संभावित तालमेल के बारे में महाराष्ट्र के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के लोगों से सलाह मांगी गई थी. पवार ने कहा, ‘हमें अल्पसंख्यकों की ओर से कहा गया कि यदि आप शिवसेना का साथ लेना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं लेकिन भाजपा को दूर रखिए. अल्पसंख्यकों ने उस कदम (शिवसेना को साथ लेने) का स्वागत किया.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम ने देश को एक राह दिखाई है. उन्होंने इस पहल के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की प्रशंसा की. शरद पवार ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों, विशेष तौर पर मुस्लिमों ने राज्य चुनाव में भाजपा के लिए वोट नहीं किया. उन्होंने कहा कि समुदाय के सदस्य जब कोई निर्णय करते हैं तो यह किसी पार्टी की हार सुनिश्चित करने के लिए होता है.

उन्होंने कहा कि राकांपा ने इस पर जोर दिया था कि राज्य सरकार में अल्पसंख्यक मामलों का विभाग कल्याणकारी कार्य करने के लिए उनकी पार्टी को दिया जाना चाहिए. राकांपा नेता ने कहा कि नवाब मलिक राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ गत वर्ष 28 नवम्बर को ली थी. उन्होंने शुरू में छह मंत्रियों के साथ शपथ ली थी और मंत्रिपरिषद का विकास 30 दिसम्बर को किया गया.

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First published: January 23, 2020, 11:01 PM IST
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