कंगना के दफ्तर पर BMC की कार्रवाई से नाखुश शरद पवार, कहा- विपक्ष को बोलने का मौका दिया

कंगना के दफ्तर पर BMC की कार्रवाई से नाखुश शरद पवार, कहा- विपक्ष को बोलने का मौका दिया
शरद पवार ने कंगना के दफ्तर पर बीएमसी की कार्रवाई को गैरजरूरी बताया है (File Photo)

Kangana Ranaut Office Demolish: शिवसेना शासित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले में 'अवैध निर्माण ' को गिरा दिया. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

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  • Last Updated: September 9, 2020, 7:15 PM IST
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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) ने बीएमसी (BMC) के अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के दफ्तर तोड़े जाने को गैर जरूरी बताया है. शरद पवार ने पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि मुंबई (Mumbai) में काफी अवैध निर्माण हैं सिर्फ एक ही जगह पर ही कार्रवाई क्यों की गई. पवार ने कहा है कि बीएमसी की कार्रवाई ने विपक्ष को बोलने का मौका दिया है.

बता दें शिवसेना शासित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले में 'अवैध निर्माण' को गिरा दिया. बीएमसी की इस कार्रवाई के बाद उद्धव ठाकरे के घर पर बैठक हो रही है. बताया जा रहा है कि इस बैठक में बीएमसी की कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है. कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने भी बीएमसी की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किये थे और इसे प्रतिशोध में उठाया गया कदम बताया था.

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पवार ने कहा- बयानों को दिया जा रहा अनुचित महत्व
इससे पहले पवार ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत का नाम लिए बिना कहा कि उनके बयानों को अनुचित महत्व दिया जा रहा है. पवार ने कहा कि लोग उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इस सप्ताह के शुरू में मिली धमकी को वह गंभीरता से नहीं लेते हैं.

कंगना हाल ही में उस समय विवादों में घिर गयी जब उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से की और कहा कि उन्हें नगर की पुलिस से ज्यादा डर लगता है. पवार ने संवाददाताओं से कहा, "हम ऐसे बयान देने वालों को अनुचित महत्व दे रहे हैं. हमें देखना होगा कि लोगों पर इस तरह के बयानों का क्या प्रभाव पड़ता है." उन्होंने कहा, ‘‘मेरी राय में, लोग (ऐसे बयानों को) गंभीरता से नहीं लेते हैं."

'किसी के कहने पर ध्यान देने की जरूरत नहीं'
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई के लोगों को राज्य और नगर की पुलिस के काम के संबंध में ‘‘वर्षों का अनुभव" है. उन्होंने कहा, "वे (लोग) पुलिस के काम को जानते हैं. इसलिए हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है कि कोई क्या कहता है."

हाल ही में मिली धमकी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ' मुझे अभी-अभी धमकी भरे कॉल का रिकॉर्ड दिया गया है और कॉल कहां से किए गए थे. विगत में भी मुझे कॉल आए हैं. हम इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं." (भाषा के इनपुट सहित)
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