अपना शहर चुनें

States

नरेंद्र तोमर ने ट्रेन में सिखों के साथ किया भोजन, कहा- खुले विचारों से बातचीत के लिए सरकार तैयार

आज नई दिल्ली से मुरैना जाने के दौरान ट्रेन में कृषि मंत्री ने सिख समाज के साथ लंगर खाया.
आज नई दिल्ली से मुरैना जाने के दौरान ट्रेन में कृषि मंत्री ने सिख समाज के साथ लंगर खाया.

Farmer Protest: सिख समाज के साथ लंगर करने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'केंद्र सरकार उन सभी मुद्दों पर किसान संगठनों के साथ खुले विचारों वाली बातचीत करने के लिए तैयार है, सिवाय कृषि कानूनों को निरस्त करने के जिसका किसान विरोध करते रहे हैं.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 10:38 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. तीनों कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश और कमेटी का गठन किए जाने के बावजूद किसानों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसान केंद्र के नए कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) के खिलाफ मई 2024 तक प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं. इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली से मुरैना आते वक्त सिख समाज के लोगों के साथ भोजन किया.

सिख समाज के साथ लंगर करने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'केंद्र सरकार उन सभी मुद्दों पर किसान संगठनों के साथ खुले विचारों वाली बातचीत करने के लिए तैयार है, सिवाय कृषि कानूनों को निरस्त करने के जिसका किसान विरोध करते रहे हैं.'

19 जनवरी को किसानों के साथ होगी चर्चा
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कानूनों को लागू नहीं किया जा सकता है. अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान 19 जनवरी को कानून के खंड-खंड पर चर्चा करेंगे और सरकार को बताएंगे कि वे कानूनों को निरस्त करने के अलावा क्या चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यहां पर जिद्दी होने का सवाल ही नहीं है.
किसान यूनियनों को भेजा प्रस्ताव


नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'हमने किसान यूनियनों को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें हम मंडियों, व्यापारियों के पंजीकरण और अन्य मुद्दों के बारे में उनकी आशंकाओं को दूर करने पर सहमत हुए थे. सरकार स्टबल बर्निंग और बिजली पर कानूनों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुई, लेकिन यूनियनें केवल कानूनों को निरस्त करना चाहती हैं.'



नौवें दौर की वार्ता रही असफल
सरकार ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों से तीन कृषि कानून के बारे में अपनी आपत्तियां और सुझाव रखने एवं ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिए एक अनौपचारिक समूह गठित करने को कहा जिस पर 19 जनवरी को अगले दौर की वार्ता में चर्चा हो सकेगी. तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ शुक्रवार को हुई नौवें दौर की वार्ता में प्रदर्शनकारी किसान तीन नये विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े रहे जबकि सरकार ने किसान नेताओं से उनके रुख में लचीलापन दिखाने की अपील की एवं कानून में जरूरी संशोधन के संबंध अपनी इच्छा जताई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज