अमेरिकी संसद पर हमले के दौरान दिखा तिरंगा, वरुण गांधी और थरूर में शुरू हुई ट्विटर वॉर

अमेरिकी संसद हमले के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ तिरंगा नजर आया.

अमेरिकी संसद हमले के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ तिरंगा नजर आया.

Shashi Tharoor Vs Varun Gandhi: वरुण गांधी ने आरोप लगाया है कि झंडा फहराने वाला शख्स शशि थरूर का जानकार है. गांधी के इस आरोप पर थरूर ने जवाब दिया है, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:11 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले दिनों अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल हिल (Capitol Chaos) में हंगामा किया और सीनेट पर कब्जे की कोशिश की. इस घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. अमेरिका में हुई इस हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ नजर आई. इस भीड़ में प्रदर्शनकारियों के हाथ में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नजर आया. अमेरिका हिंसा में तिरंगा लहराने के वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान सा ला दिया है.

भारत के दो बड़े नेता वरुण गांधी (Varun Gandhi) और शशि थरूर (Shashi Tharoor) के बीच इस मामले पर ट्विटर वॉर शुरू हो गई है. दरअसल, वरुण गांधी ने आरोप लगाया है कि झंडा फहराने वाला शख्स शशि थरूर का जानकार है. गांधी के इस आरोप पर थरूर ने जवाब दिया है, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो गई है.

वरुण गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो को शेयर किया है, जिसमें कैपिटल हिल के बाहर प्रदर्शन के दौरान भारतीय तिरंगा लहरा रहा था. वीडियो को शेयर करते हुए वरुण ने कैप्शन में लिखा, 'वहां पर भारतीय झंडा क्यों है? ये एक ऐसी लड़ाई है जिसका भारत कभी भी हिस्सा नहीं बनना चाहता है.'

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वरुण के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जवाब दिया, उन्होंने लिखा, 'कुछ भारतीय भी डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की मानसिकता वाले हैं, जो तिरंगे को सम्मान की बजाय एक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं और जो उनसे मेल नहीं खाता है, उसे एंटी-नेशनल करार देते हैं. वहां पर दिख रहा वो झंडा हम सभी के लिए चेतावनी है.'
वरुण ने दिया थरूर को जवाब

थरूर के इस ट्वीट के बाद वरुण गांधी ने एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए. वरुण ने लिखा, 'अपनी शान दिखाने के लिए तिरंगा लहराने वाले लोगों का मजाक उड़ाना आजकल आसान हो गया है. साथ ही गलत मकसद के लिए भी तिरंगा लहराना आसान हो गया है. दुर्भाग्यवश कई लिबरल भारत में भी एंटी-नेशनल प्रदर्शन (जेएनयू जैसे) में भी तिरंगे के गलत इस्तेमाल की चेतावनी को नजरअंदाज करते आए हैं. तिरंगा हमारे लिए गर्व का चिह्न है, ऐसे में हम इसका सम्मान बिना किसी मानसिकता के करते हैं.'
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