देश की रक्षा के लिए जल्‍द तैनात होगी 700 KM तक मार करने वाली शौर्य मिसाइल, सरकार ने दी मंजूरी

जल्‍द तैनात होगी शौर्य मिसाइल.
जल्‍द तैनात होगी शौर्य मिसाइल.

शौर्य स्‍ट्रैटजिक मिसाइल (Shaurya Strategic missile) को जल्‍द ही उन स्‍थानों पर तैनात किया जाएगा, जिनकी पहचान इंडियन स्‍ट्रैटजिक फोर्स नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल के साथ मिलकर करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 1:12 PM IST
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नई दिल्‍ली. मोदी सरकार ने 700 किमी दूरी तक मार करने वाली शक्तिशाली शौर्य स्‍ट्रैटजिक मिसाइल (Shaurya Strategic missile) को सेवा में शामिल करने की अनुमति दे दी है. शौर्य पनडुब्बी द्वारा लॉन्च की गई BA-05 मिसाइल का भूमि संस्करण है और इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है. 3 अक्टूबर को ओडिशा के बालासोर में इसका सफल परीक्षण किया गया था.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर से 1,000 किलोमीटर के बीच है और यह 200 किलोग्राम से 1,000 किलोग्राम भार ले जाने में सक्षम है. यह मिसाइल भारत की के-15 मिसाइल का भूमि संस्करण है. यह मिसाइल माक 7 या 2.4 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से 50 किमी की ऊंचाई पर टार्गेट की ओर बढ़ सकने में सक्षम है.

शौर्य स्‍ट्रैटजिक मिसाइल को जल्‍द ही उन स्‍थानों पर तैनात किया जाएगा, जिनकी पहचान इंडियन स्‍ट्रैटजिक फोर्स नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल के साथ मिलकर करेंगे. इस मिसाइल के जरिये 160 किग्रा विस्‍फोटक से मार की जा सकती है. मोदी सरकार की ओर से मिसाइल के भूमि संस्करण के लिए जाने का निर्णय महत्वपूर्ण है क्योंकि मिसाइल को एकल वाहन द्वारा लॉन्च किया जा सकता है. वहीं डीआरडीओ सबमरीन-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) के 5,000 किमी संस्करण के विकास में तेजी से प्रगति कर रहा है. भूमि-आधारित बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की समान रेंज के साथ K-5 मिसाइल को परमाणु पनडुब्बियों पर तैनात किया जाएगा.



बता दें कि 3 अक्‍टूबर को भारत ने देश में विकसित, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और आवाज की गति से भी तेज चलने वाली ‘शौर्य’ मिसाइल का ओडिशा के परीक्षण रेंज से यह मिसाइल 10 मीटर लंबी है और इसका व्यास 74 सेमी और वजन 6.2 टन है. इसके दो चरण ठोस प्रणोदक का इस्तेमाल करते हैं.
अत्याधुनिक मिसाइल पूरी सटीकता के साथ बंगाल की खाड़ी में अपने तय बिंदु पर पहुंची. सूत्रों ने बताया कि इस परीक्षण के दौरान मिसाइल पर विभिन्न दूरमापी स्टेशनों और रडार से नजर रखी गई और उसने अच्छा प्रदर्शन किया. डीआरडीओ अधिकारियों ने शौर्य को उच्च प्रदर्शन वाली नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणालियों, कुशल प्रणोदन प्रणालियों, अत्याधुनिक नियंत्रण प्रौद्योगिकियों और कनस्तर प्रक्षेपण प्रणाली के साथ दुनिया की शीर्ष 10 मिसाइलों में से एक बताया है.

उन्होंने बताया कि इस मिसाइल को लाना-ले जाना आसान है. इसे ट्रक पर रखे कनस्तरों से भी दागा जा सकता है. ट्रक को प्रक्षेपण स्थल बनाया जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि ‘शौर्य’ मिसाइल को ऐसे स्थानों पर रखा जा सकता है, जहां इस पर दुश्मन की नजर नहीं पड़ सके. उपग्रह से ली गई तस्वीरों की मदद से भी इसका पता नहीं लगाया जा सकता.
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