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शेख हसीना बोलीं-तरक्की और शांति के लिए इस मानसिकता से बाहर निकलें दक्षिण एशियाई देश

भाषा
Updated: October 5, 2019, 12:05 AM IST
शेख हसीना बोलीं-तरक्की और शांति के लिए इस मानसिकता से बाहर निकलें दक्षिण एशियाई देश
शेख हसीना शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात करेंगी.

बांग्लादेश (Bangladesh) की पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने कहा, हमें बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक मानसिकता से आगे बढ़ना चाहिए. बहुलवाद दक्षिण एशिया की ताकत रहा है.’

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नई दिल्ली: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण एशियाई देशों (South Asian Countries) को ‘बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक मानसिकता’से आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि बहुलवाद क्षेत्र की ताकत रही है. वह यहां भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण एशियाई देशों को मित्रता और सहयोग के माध्यम से अपनी भू-राजनीतिक वास्तविकताओं का प्रबंधन करना चाहिए तथा अल्पकालिक लाभ के लिए दीर्घकालिक हितों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

उन्होंने एक पैनल परिचर्चा के दौरान कहा कि दक्षिण एशिया को एक जुड़े, मैत्रीपूर्ण और प्रतिस्पर्धी क्षेत्र के रूप में उभरना चाहिए, जो हमेशा अन्य क्षेत्रों के साथ जुड़ने के लिए तैयार है. सिंगापुर के उपप्रधान मंत्री हेंग स्वे केट, कार्यकारी उपाध्यक्ष (अपोलो अस्पताल) शोभना कामिनेनी, सिकोइया कैपिटल इंडिया के प्रबंध निदेशक शैलेंद्र सिंह, बुकिंग डॉट कॉम की अध्यक्ष गिलियन टांस और विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक क्लाउस श्वाब भी परिचर्चा में शामिल हुए।

हसीना ने कहा कि बांग्लादेश बिम्सटेक, बीबीआईएम, बीसीआईएम और दक्षेस जैसे समूहों के साथ क्षेत्रीय सहयोग पर जोर देता रहा है. उन्होंने कहा कि संपर्क स्थापित करने से हमें एक दूसरे के साथ सहयोग करने के लिए रास्ता मिलेगा. हसीना ने कहा कि पिछले दशक में कई ‘उदात्त’क्षेत्रीय विचारों के साथ पहलें सामने आईं, जिनमें से कुछ सफल रहे जबकि कुछ नाकाम रहे.

उन्होंने कहा, ‘अगले दशक में, हमें कुछ सिद्धांतों का पालन करना चाहिए -सर्वप्रथम हमें अपने समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए शांति, स्थिरता और सौहार्द सुरक्षित करने का प्रयास करना चाहिए. हमें बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक मानसिकता से आगे बढ़ना चाहिए. बहुलवाद दक्षिण एशिया की ताकत रहा है.’हसीना ने कहा कि क्षेत्र के देशों को दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय, जातीय और भाषाई विविधता का जश्न मनाने में सक्षम होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘दूसरी बात यह है कि हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज में मौजूद असमानताएं और नहीं बढ़ें.’ उन्होंने कहा कि धन सृजन समावेशी होना चाहिए और इसे निचले स्तर तक पहुंचना चाहिए. बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्प विकसित देशों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सभी देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान पर जोर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हमें गलतफहमियों और गलत आशंकाओं पर काबू पाने की जरूरत है.’ हालांकि उन्होंने इसकी विस्तार से चर्चा नहीं की.

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First published: October 4, 2019, 11:39 PM IST
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