दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए याद की जाएंगी शीला दीक्षित, छोड़ गईं ये निशानियां

बिजली का निजीकरण करने के साथ ही गैर अधिकृत कॉलोनियों में विकास की शुरुआत शीला ने ही की.

News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 5:02 AM IST
दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए याद की जाएंगी शीला दीक्षित, छोड़ गईं ये निशानियां
(PTI Photo/Manvender Vashist) B)
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Updated: July 21, 2019, 5:02 AM IST
दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित की ही सोच और प्रबंधन का परिणाम है कि यहां आज मेट्रो, सीएनजी गाड़ियां, सिग्नेचर ब्रिज, बारापूला एलिवेटेड रोड समेत फ्लाईओवर और अंडरपास हैं. बिजली का निजीकरण करने के साथ ही गैर अधिकृत कॉलोनियों में विकास की शुरुआत शीला ने ही की. शीला अपने पीछे, विकास की अनगिनत निशानियां छोड़ गईं.

यह बात दीगर है कि शीला के पहले कार्यकाल के दौरान केंद्र में एनडीए सरकार थी लेकिन उनके प्रबंधन और सोच पर कभी दलीय बाधाएं भारी नहीं पड़ी. यह वही वक्त था जब दिल्ली में मेट्रो आ रही थी. इतना ही नहीं राष्ट्रमंडल खेल से पहले बारापूला नाले के ऊपर दिल्ली की पहली एलिवेडेट रोड बनावाना शीला के कुशल प्रबंधन का ही परिणाम है.

इतना ही नहीं अक्षरधाम से पंजाबी बाग के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर की रूपरेखा बनाई. इसके साथ ही शांतिवन से नोएडा तक सिग्नल फ्री कॉरिडोर होने का श्रेय भी शीला को जाता है.

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जब अपनी ही सरकार से लड़ गईं शीला

शीला के इन फैसलों से एक ओर जहां दिल्ली को ज्यादा ट्रैफिक और जाम से निजात मिली वहीं प्रदूषण भी कम हुआ. साल 2012 में शीला ने अपनी ही पार्टी की सरकार से लड़ लिया. दरअसल, वह केरोसिन फ्री करना चाहती थीं. इस योजना के तहत साढ़े तीन लाख से ज्यादा गरीबों एलपीजी कनेक्शन और चूल्हा दिया गया.

हालांकि केंद्र इसके लिए तैयार नहीं था. इस पर उनकी तात्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत हुई. इसके बाद केंद्र भी राजी हो गया.
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First published: July 21, 2019, 3:50 AM IST
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