अपना शहर चुनें

States

कोविड-19 के बीच केरल में 'शिगेला' का प्रकोप, 11 साल के बच्चे की हो चुकी है मौत

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

यह एक वायरल इंफेक्शन है, शिगेला (Shigella) का इस्तेमाल आमतौर पर शिगेलोसिस के लिए किया जाता है. खास बात है कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों में इस बैक्टीरिया के संपर्क में आने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2020, 3:01 PM IST
  • Share this:
तिरुवनंतपुरम. भारत अभी कोरोना वायरस (Corona Virus) से उबरा नहीं है कि केरल (Kerala) में शिगेला बीमारी (Shigella Disease) ने दस्तक दे दी है. राज्य के एर्नाकुलम (Ernakulam) में भी इसका एक मामला सामने आया है. यहां बुधवार को 56 वर्षीय महिला में इस बीमारी की पुष्टि हुई है. बीमार महिला को बुखार आने के बाद 23 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गौरतलब है कि शिगेला के मामले पहले भी कोझिकोड में भी सामने आ चुके हैं.यहां अब तक 7 मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है. वहीं, 11 साल के लड़के की इस बीमारी के चलते मौत हो चुकी है.

हालांकि, इस बीमारी को लेकर एर्नाकुलम जिला कलेक्टर एस. सुहास का कहना है कि चिंता करने की कोई बात नहीं है. उन्होंने बताया कि बीमारी के मद्देनजर दोनों मरीजों की निगरानी की जा रही है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि चोटानिक्कारा में इम्युनाइजेशन अभियान चलाए जा रहे हैं और इलाके में डिसइंफेक्शन जारी है. अधिकारियों ने जानकारी दी 'इलाके में कोझिकोड की तरह एंटी बैक्टीरियल पिल्स बांट दी गईं हैं.'

क्या है शिगेला?
यह एक वायरल इंफेक्शन है, शिगेला का इस्तेमाल आमतौर पर शिगेलोसिस के लिए किया जाता है. शिगेला बैक्टीरिया के कारण शिगेलोसिस फैलता है. खास बात है कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों में इस बैक्टीरिया के संपर्क में आने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है. गौरतलब है कि यह बैक्टीरिया काफी तेजी से फैलता है. एक व्यक्ति दूषित पानी पीने, बासा खाने या संक्रमित व्यक्ति के टॉयलेट इस्तेमाल से भी इस बीमारी की चपेट में आ सकता है. इस बीमारी से बचाव के लिए डॉक्टर लगातार साबुन से हाथ धोने के सलाह देते हैं.



इस बीमारी के लक्षण क्या हैं?
दस्त के अलावा शिगेला से जूझ रहा व्यक्ति बुखार और पेट में ऐंठन का सामना कर सकता है. गौरतलब है कि शिगेला के लक्षण व्यक्ति के संक्रमित होने के 1 या 2 दिन बाद सामने आते हैं. वहीं, ये लक्षण 7 दिनों तक रह सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज