माल्या विवाद में जेटली के साथ शिवसेना, कहा- अब तक चुप क्‍यों थी कांग्रेस

वित्त मंत्री अरुण जेटली से माल्या के मुलाकात के दावे पर शिवसेना ने कहा कि माल्या झूठा है. जेटली के खिलाफ कांग्रेस का आरोप 'हास्यास्पद' है.

भाषा
Updated: September 15, 2018, 7:54 PM IST
माल्या विवाद में जेटली के साथ शिवसेना, कहा- अब तक चुप क्‍यों थी कांग्रेस
विजय माल्या (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: September 15, 2018, 7:54 PM IST
शिवसेना ने शनिवार को विजय माल्या के दावे को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ कांग्रेस के आरोपों को 'हास्यास्पद' बताया. शिवसेना ने कहा कि यदि कांग्रेस उनकी बैठक के बारे में जानती थी, तो वह इतने वर्षों तक चुप क्यों रही. यह विवाद 2019 के आम चुनाव की तैयारी का एक हिस्सा है.

शिवसेना ने कहा, 'माल्या झूठा है. लंदन की अदालत में दिए गए बयान से अरुण जेटली परेशानी में पड़ गए हैं.' उन्होंने कहा कि माल्या ने दावा किया था कि भारत छोड़ने से पहले वह जेटली से मिला था और मामला के निपटारे की पेशकश की थी.

पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा कि माल्या के बयान के आधार पर जेटली को मामले में एक आरोपी बनाने की क्या जरूरत है? लेकिन कांग्रेस ने ऐसा किया है.

संपादकीय में कहा गया है कि माल्या कई करोड़ों रुपये का कर्ज चुकाए बिना देश छोड़कर भाग गया. इस समय वह लंदन में प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है. हालांकि माल्या ने एकमुश्त निपटान किए जाने का प्रयास किया लेकिन इसके लिए बैंक तैयार नहीं थे.

संपादकीय में कहा गया है, 'बैंक माल्या की पेशकश के लिए तैयार नहीं थे और इसलिए उन्होंने संसद में जेटली से मुलाकात की. खुद के सांसद रहते माल्या को संसद परिसर में घूमने का अधिकार था. इसपर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया का यह आरोप कि जेटली भी मामले में आरोपी है, यह पूरी तरह से हास्यास्पद है.'

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वहीं शिवसेना ने कहा कि माल्या केवल अकेला नहीं है जिसने कर्ज की अदायगी नहीं की है, कर्ज नहीं चुका पाने वाले इस तरह के कई लोग हैं जो सांसद के रूप में खुलेआम घूम रहे हैं. इसके साथ ही शिवसेना ने पूछा, 'अब यह प्रकाश में आया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी के एक पारिवारिक समारोह में मौजूद थे. इसलिए क्या राहुल गांधी को नीरव के भागने के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए?'

उन्होंने कहा, 'माल्या ने इतने सालों बाद अदालत में इसका खुलासा किया. अगर कांग्रेस पहले से बैठक के बारे में जानती थी, तो उसने इसे इतने लंबे समय तक क्यों छुपाया.'

गौरतलब है कि माल्या ने बुधवार को दावा किया था कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था. वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा था कि उन्होंने उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था.
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