पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले बच्चों को कैसे मिलेंगे वैक्सीन के दोनों डोज? शिवसेना सांसद ने केंद्र को लिखी चिट्ठी

भारत में 1 मई से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है.

भारत में 1 मई से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है.

बच्चों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर वह पहली वैक्सीन मुंबई में लगाकर विदेश जाते हैं तो इतने लंबे अंतराल के बाद दूसरी डोज उन्हें कहां और कैसे लगेगी? इस मुद्दे पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है.

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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति को काबू करने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. कोरोना के कारण लोगों को कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े इसके लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले बच्चों के लिए वैक्सीनेशन में छूट दे दी है. महाराष्ट्र सरकार के गार्डियन मिनिस्टर आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर जानकारी दी कि जो बच्चे विदेश में पढ़ने के लिए जा रहे हैं उनके लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य होगा और वो वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटर पर जा सकते हैं.

हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने साफ कहा है कि 18 से 44 साल आयु वर्ग का वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद हो चुका है, लेकिन जो बच्चे पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे हैं, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा. विदेश जाने वाले छात्र वैक्सीन सेंटर पर पहुंचकर इसका डोज ले सकते हैं.

कब लेंगे वैक्सीन की दूसरी डोज?

इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हुआ कि आखिरकार जो केंद्र सरकार ने नियम बनाए हैं कि वैक्सीन की पहली डोज के बाद दूसरी डोज की जो समय सीमा है वह 12 से 15 हफ्ते तक है.
ऐसे में बच्चों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर वह पहली वैक्सीन मुंबई में लगाकर विदेश जाते हैं तो इतने लंबे अंतराल के बाद दूसरी डोज उन्हें कहां और कैसे लगेगी? इस मुद्दे पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है और मांग की है कि वैक्सीन को लेकर जो नियम बनाए गए हैं, वह समय सीमा कम की जाए.


जल्द पूरा हो विदेश जाने वाले छात्रों का वैक्सीनेशन



शिवसेना सांसद ने मांग की जो बच्चे पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहते हैं उनका वैक्सीनेशन जल्द से जल्द पूरा किया जाए.

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