शिवसेना ने RSS चीफ मोहन भागवत की तारीफ करते हुए BJP पर साधा निशाना

सामना के संपादकीय में मोहन भागवत की प्रशंसा की गई है.
सामना के संपादकीय में मोहन भागवत की प्रशंसा की गई है.

शिवसेना (Shiv Sena) ने कहा कि भागवत (Mohan Bhagwat) ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान मंदिरों को खोलने की मांग नहीं की, क्योंकि उनके विचार वैज्ञानिक हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 9:01 PM IST
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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) ने मंगलवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के हिंदुत्व (Hindutva) पर विचारों को व्यापक और समग्र बताया. शिवसेना ने कहा कि भागवत ने उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो समझते हैं कि जो लोग भाजपा के साथ नहीं हैं, वे हिंदू नहीं हैं. शिवसेना ने कहा कि भागवत ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान मंदिरों को खोलने की मांग नहीं की, क्योंकि उनके विचार वैज्ञानिक हैं.

मोहन भागवत का जिक्र, बीजेपी पर साधा निशाना
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया है, ‘वह टीके के विकास में निवेश के पक्षधर रहे हैं. महामारी के दौरान भाजपा के जो नेता मंदिरों को खोलने के पक्षधर रहें हैं उन्हें पहले भागवत को सुनना चाहिए.’ संपादकीय में लिखा गया है, ‘कुछ ‘ठेकेदारों’ की विकृत विचारधारा है कि हिंदुत्व पर उनका एकाधिकार है और जो लोग भाजपा के साथ नहीं हैं, वे हिंदू नहीं हैं. आरएसएस प्रमुख ने उन्हें उनका स्थान दिखा दिया है.’

बीजेपी के प्रवक्ता ने दिया शिवसेना का जवाब
शिवसेना के नये प्रहार पर महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा, ‘शिवसेना ने हिंदुत्व का परित्याग कर दिया है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए उस दल को किसी भी मुद्दे पर भाजपा की आलोचना करनी है.’



ये बोले थे मोहन भागवत
नागपुर में आरएसएस के वार्षिक दहशरा उत्सव पर भागवत ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र की संघ की अवधारणा न तो राजनीतिक है न ही शक्ति केंद्रित. उन्होंने दावा किया था कि हिंदुत्व शब्द भारत की 130 करोड़ आबादी पर लागू होता है जो भारत के साथ अपनी पहचान, परंपराओं और मूल्यों से जुड़े हुए हैं.
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