शिवसेना ने हंदवाड़ा एनकाउंटर पर कहा, सर्जिकल स्ट्राइक कीजिए लेकिन बिना डींगें हांके

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा है कि हंदवाड़ा एनकाउंटर तब हुआ है जब एक मजबूत और काफी देशभक्त सरकार केंद्र में है (सांकेतिक फोटो)

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा है कि हंदवाड़ा एनकाउंटर तब हुआ है जब एक मजबूत और काफी देशभक्त सरकार केंद्र में है (सांकेतिक फोटो)

रविवार को उत्तर कश्मीर (North Kashmir) के हंदवाड़ा (Handwara) में हुए आतंकी हमले में एक कर्नल, एक मेजर और तीन अन्य सुरक्षा कर्मी, आतंकियों के साथ हुए एक एनकाउंटर (Encounter) में शहीद हो गए थे.

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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के हंदवाड़ा (Handwara) में आतंकियों (Terrorists) के साथ दो दिन पहले हुए एनकाउंटर (Encounter) में पांच सुरक्षा कर्मियों (Security Personnel) की मौत का बदला लेने के लिए दूसरी एयर स्ट्राइक (Air Strike) करने को कहा है. हालांकि शिवसेना ने कहा है कि यह स्ट्राइक ऐसे की जानी चाहिए कि कोई इसकी डींगें न हांके.

मंगलवार को सेना के मुखपत्र सामना (Saamana) के एक संपादकीय में कहा गया, "यह अच्छा इशारा नहीं है कि भारत की खुद की धरती पर बहादुर लोगों को मार दिया जाए." साथ ही यह भी कहा गया है कि यह एनकाउंटर तब हुआ है जब एक मजबूत और काफी देशभक्त सरकार (Patriotic Government) केंद्र में है.

बिना डींग मारे की जाए सर्जिकल स्ट्राइक: शिवसेना

शिवसेना जो कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA का भी पिछले साल तक हिस्सा रह चुकी है, "उसने कहा, पांच जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए बिना कोई डींग मारे, सर्जिकल स्ट्राइक कीजिए. यह अच्छा इशारा नहीं है कि हमारे पांच जवान एक ही बार में मार दिए जाएं."
सामना के इस संपादकीय में आगे कहा गया है, "देश, कश्मीर (Kashmir) के युद्ध को कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ चल रहे युद्ध के चलते भूल चुका है लेकिन पाकिस्तान नहीं भूला है."

पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान

रविवार को उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा में एक कर्नल, एक मेजर और तीन अन्य सुरक्षा कर्मी, आतंकियों के साथ हुए एक एनकाउंटर (Encounter) में शहीद हो गए थे. यह पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना को हुआ सबसे बड़ा नुकसान है.



शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों (Security Personnel) में कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश शामिल हैं. ये सभी ब्रिग्रेड ऑफ द गार्ड्स रेजीमेंट से थे और वर्तमान में 21 राष्ट्रीय राइफल्स का हिस्सा थे जो कि आतंकवाद निरोध के लिए काम कर रही है. साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपनिरीक्षक सगीर अहमद पठान उर्फ काजी भी आतंकवादियों (Terrorists) की गोलियां लगने से शहीद हो गए थे.

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