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केंद्रीय मंत्री ने कहा था- किसान आंदोलन में चीन-पाक का हाथ, शिवसेना बोली- तुरंत करें सर्जिकल स्‍ट्राइक

बयान पर संजय राउत ने कसा तंज. (Pic- ANI)
बयान पर संजय राउत ने कसा तंज. (Pic- ANI)

केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे (Raosaheb Danve) ने विवादित बयान दिया था. उन्‍होंने कहा था कि किसान आंदोलन के पीछे चीन (China) और पाकिस्‍तान (Pakistan) का हाथ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 10, 2020, 1:36 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार की ओर से लाए गए 3 कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ आंदोलन (Farmer Protest) कर रहे किसानों को लेकर केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे (Raosaheb Danve) ने विवादित बयान दिया था. उन्‍होंने कहा था कि किसान आंदोलन के पीछे चीन (China) और पाकिस्‍तान (Pakistan) का हाथ है. उनके इस बयान की आलोचना हो रही है. इस बीच शिवसेना ने भी उनके इस बयान को लेकर तंज कसते हुए सरकार पर निशाना साधा है.

शिवसेना के प्रवक्‍ता संजय राउत ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा, 'अगर एक मंत्री के पास इस तरह की जानकारी है कि किसान आंदोलन के पीछे पाकिस्‍तान और चीन का हाथ है तो रक्षा मंत्री को तुरंत ही चीन और पाकिस्‍तान पर सर्जिकल स्‍ट्राइक करनी चाहिए.' उन्‍होंने यह भी कहा कि राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुखों को इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए.








बता दें कि केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने बुधवार को विवादित बयान देते हुए दावा किया था कि तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर जारी किसानों विरोध प्रदर्शनों के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर पहले मुसलमानों को गुमराह किया गया, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए. उन्होंने कहा कि अब किसानों को बताया जा रहा है कि नए कानूनों के कारण उन्हें नुकसान होगा.

उन्होंने कहा था, 'जो आंदोलन चल रहा है, वह किसानों का नहीं है. इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है. इस देश में मुसलमानों को पहले भड़काया गया. (उन्हें) क्या कहा गया? एनआरसी आ रहा है, सीएए आ रहा है और छह माह में मुसलमानों को इस देश को छोड़ना होगा. क्या एक भी मुस्लिम ने देश छोड़ा?' केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा था, 'वे प्रयास सफल नहीं हुए और अब किसानों को बताया जा रहा है कि उन्हें नुकसान सहना पड़ेगा. यह दूसरे देशों की साजिश है.'
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