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शिवसेना ने की पाकिस्तानी-बांग्लादेशी मुसलमानों को निकालने की वकालत, MNS पर भी साधा निशाना

News18Hindi
Updated: January 25, 2020, 11:16 AM IST
शिवसेना ने की पाकिस्तानी-बांग्लादेशी मुसलमानों को निकालने की वकालत, MNS पर भी साधा निशाना
संपादकीय में शिवसेना ने दावा किया है कि शिवसेना ने मराठी के मुद्दे पर काम किया है

सामना में लिखा है, 'देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालो. उन्हें निकालना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन इसके लिए किसी राजनीतिक दल को अपना झंडा बदलना पड़े, ये मजेदार है.'

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  • Last Updated: January 25, 2020, 11:16 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र की सत्ताधारी शिवसेना (Shiv Sena) ने राज ठाकरे ( Raj Thackeray) की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नए झंडे को लेकर निशाना साधा है. दरअसल एमएनएस ने पिछले दिनों नया झंडा लॉन्च किया, अब इसमें सिर्फ भगवा रंग दिखेगा. पार्टी ने ऐसा करके संकेत दिया है कि अब उनकी विचारधारा हिंदुत्ववाद की तरफ जा रही है. ठाकरे ने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी का दो झंडा होगा. अब ठाकरे के इस कदम पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में MNS पर निशाना साधा है. शिवसेना के मुताबिक राज ठाकरे की पार्टी को दो झंडे लाने का कोई फायदा नहीं मिलने वाला है.

'पार्टी हिंदुत्ववाद की तरफ जा रही'
संपादकीय में शिवसेना ने दावा किया कि शिवसेना ने मराठी के मुद्दे पर काम किया इसलिए ठाकरे अब हिंदुत्ववाद की तरफ जा रहे हैं. इसमें लिखा है, 'देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालो. उन्हें निकालना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन इसके लिए किसी राजनीतिक दल को अपना झंडा बदलना पड़े, ये मजेदार है. दूसरी बात ये कि इसके लिए एक नहीं, दो झंडों की योजना बनाना ये दुविधा या फिसलती गाड़ी के लक्षण हैं. राज ठाकरे और उनकी 15 साल पुरानी पार्टी ने मराठी के मुद्दे पर पार्टी की स्थापना की. लेकिन अब उनकी पार्टी हिंदुत्ववाद की ओर जाती दिख रही है. इसे रास्ता बदलना कहना ही ठीक होगा. शिवसेना ने मराठी के मुद्दे पर बहुत काम किया हुआ है. इसलिए मराठियों के बीच जाने के बावजूद उनके हाथ कुछ नहीं लगा और लगने के आसार भी नहीं हैं.

शिवसेना ने कभी नहीं छोड़ा अपना रंग

शिवसेना के मुताबिक उसने हिंदुत्व का भगवा रंग कभी नहीं छोड़ा. इसलिए दो झंडे बनाने के बावजूद राज के झंडे को वैचारिक समर्थन मिल पाएगा, इसकी संभावना नहीं दिख रही. संपादकीय में लिखा है, 'ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी को जैसी चाहिए, वैसी ही ‘हिंदू बांधव, भगिनी, मातांनो…’ आवाज राज ठाकरे दे रहे हैं. यहां भी इनके हाथ कुछ लग पाएगा, इसकी उम्मीद कम ही है. शिवसेना ने प्रखर हिंदुत्व के मुद्दे पर देशभर में जागरूकता के साथ बड़ा कार्य किया है.'

गठबंधन से पेट में दर्द
शिवसेना ने एक बार फिर से कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के अपने फैसले का बचाव किया है. संपादकीय में लिखा है, 'कांग्रेस और राष्ट्रवादी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई. इसे रंग बदलना वैसे कहा जा सकता है? इस बारे में लोगों को आक्षेप कम लेकिन पेट दर्द ज्यादा है. भाजपा या दूसरे लोग महबूबा या किसी और से निकाह करते हैं तो चलता है लेकिन यही राजनीतिक व्यवस्था कोई और करे तो इसे पाप साबित किया जाता है. हमने जो सरकार बनाई, ये पाप नहीं बल्कि समाजकार्य है. सरकार का उद्देश्य और नीति स्पष्ट है। सरकार संविधान के अनुसार चलाई जाएगी तथा रोटी, कपड़ा, मकान, रोजगार, किसान, मेहनतकशों के कल्याण और सुरक्षा जैसे समान नागरी कार्यक्रमों को लेकर आगे बढ़ेगी.'शिवसेना का BJP पर निशाना
शिवसेना ने एक बार फिर से बीजेपी पर निसाना साधा है. कहा है कि पिछले 5 सालों में भारतीय जनता पार्टी जो कुछ नहीं कर पाई, वो महाविकास आघाड़ी सरकार ने 50 दिनों में कर दिखाया है. लिखा है, 'जनता का सरकार को समर्थन प्राप्त है. ये देखकर कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली सरकार नहीं गिरनेवाली, पुराने प्यादों को रंग बदलकर नचाया जाने लगा है.'

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First published: January 25, 2020, 10:37 AM IST
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