सर्वदलीय बैठक में चीन के निवेश पर राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग करेगी शिवसेना

सर्वदलीय बैठक में चीन के निवेश पर राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग करेगी शिवसेना
सर्वदलीय बैठक को लेकर शिवसेना ने तय किया अपना एजेंडा. (फाइल फोटो)

भारत (India) और चीन (China) के ​बीच चल रहे सीमा विवाद और पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

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नई दिल्ली. भारत-चीन सीमा (India-China Border) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज शाम को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में 17 राजनीतिक दलों के अध्यक्ष हिस्सा लेने वाले हैं. सर्वदलीय बैठक से पहले ही पार्टी के नेताओं की ओर से चीन को सबक सिखाने की मांग तेज होती जा रही है. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) इस बैठक में चीनी निवेश के मसले पर एक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग रख सकते हैं.

शिवसेना की ओर से सर्वदलीय बैठक को लेकर जो बात सामने आई है उसके मुताबिक सीएम उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चीन को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर सकते हैं. इसके ​लिए वह पीएम मोदी से चीनी निवेश पर राष्ट्रीय नीति बनने की मांग कर सकते हैं. शिवसेना की मांग है कि केंद्र सरकार को एक ऐसी नीति बनाए, जिसमें चीनी कंपनियों की ओर से भारत में किए जा रहे निवेश और भारत की अलग-अलग योजनाओं में चीनी कंपनियों की ओर से होने वाले निवेश को लेकर कुछ नियम अैर नीति तय किया जाए.

चीन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कड़े सवाल पूछने के साथ ही मौजूदा हालात पर फैक्ट्स भी मांग सकती हैं. गौरतलब है कि 15 जून को पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में भारतीय सेना के जवानों और चीनी सैनिकों के हिंसक झड़प हो गई थी. इस घटना में 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि 76 जवान घायल हो गए थे.




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पहले ही हो चुकी है हिंसक झड़प
गौरतलब है कि गत पांच और छह मई को हिंसक झड़प में लगभग 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के शामिल होने के बाद क्षेत्र में स्थिति बिगड़ गई थी. पैंगोंग सो में हुई घटना के बाद नौ मई को उत्तरी सिक्किम में भी इसी तरह की घटना हुई थी. बता दें साल 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय सैनिकों को चीनी पक्ष ने बंधक बना लिया था.
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