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शिवकुमार जमानत याचिका: वरिष्ठ कानून अधिकारी के पहुंचने को लेकर हाईकोर्ट में ड्रामा

भाषा
Updated: October 17, 2019, 10:24 PM IST
शिवकुमार जमानत याचिका: वरिष्ठ कानून अधिकारी के पहुंचने को लेकर हाईकोर्ट में ड्रामा
ED ने शिवकुमार (Shiv kuamr) की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और अगर उन्हें रिहा किया जाता है तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

ED ने शिवकुमार (Shiv kuamr) की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और अगर उन्हें रिहा किया जाता है तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

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नई दिल्ली. मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering) में गिरफ्तार कर्नाटक (Karnataka) कांग्रेस (Congress) के नेता डी. के. शिवकुमार (DK Shivkumar) की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने के लिए वरिष्ठ कानूनी अधिकारी द्वारा माफी मांगने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई शुरू कर दी.

कानून अधिकारी की गैर मौजूदगी के लिएहाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को फटकार लगाई जिसके कुछ देर बाद अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल (एएसजी SSG) के. एम. नटराज अदालत में पेश हुए और सुनवाई शुरू हुई.

एएसजी ने जस्टिस सुरेश कैत से माफी मांगी. इससे पहले जस्टिस कैत ने ईडी के वकील को फटकार लगाई जिन्होंने इस आधार पर 30 मिनट का वक्त मांगा कि कानून अधिकारी राउज एवेन्यू जिला अदालत में व्यस्त हैं.

जस्टिस कैत ने कहा, 'आप अदालत के साथ लुका-छुपी का खेल नहीं खेल सकते. यह तरीका नहीं है. यह स्वीकार्य नहीं है. अदालत को इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए.'

दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया
जब एएसजी पेश नहीं हुए थे तब हाईकोर्ट ने शिवकुमार की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और ईडी के वकील से कहा कि 19 अक्टूबर की दोपहर तक अपना लिखित हलफनामा दायर करें. बहरहाल जब एएसजी ने माफी मांग ली तो अदालत मामले में सुनवाई करने पर सहमत हो गई.

एएसजी ने जस्टिस से उनके चैंबर में मुलाकात की जिसके बाद अदालत ईडी की सुनवाई करने पर सहमत हुई और बाद में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. एएसजी के बाद शिवकुमार के वकील अभिषेक मनुसिंघवी ने भी जस्टिस से उनके चैम्बर में मुलाकात की. माफी को स्वीकार करते हुए जस्टिस ने ईडी की जिरह सुनी.
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मनीलॉन्ड्रिंग मामले में जांच चल रही
एएसजी ने कहा कि शिवकुमार और उनके परिवार ने 300 से अधिक संपत्तियां हासिल कीं और मनीलॉन्ड्रिंग मामले में जांच चल रही है. कानून अधिकारी ने कहा कि शिवकुमार और उनके सहयोगियों के 317 बैंक खाते थे. कर्नाटक में सात बार के विधायक शिवकुमार को ईडी ने तीन सितम्बर को मनीलॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराध के लिए गिरफ्तार किया था. कांग्रेस के 57 वर्षीय नेता वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं.

उन्होंने निचली अदालत द्वारा जमानत देने से इंकार करने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. ईडी ने पिछले वर्ष सितम्बर में मनीलॉन्ड्रिंग मामले में शिवकुमार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

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First published: October 17, 2019, 10:24 PM IST
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