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कोवैक्सीन का प्रोडक्शन खराब क्वालिटी के चलते पड़ा धीमा? एनके अरोड़ा ने दिया जवाब

कुछ सप्ताह बाद भारत बॉयोटेक हर महीने कोविड की सात से दस करोड़ डोज तैयार करने में सक्षम हो जाएगा. (फाइल फोटो)

एएनआई से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस प्लांट में शुरुआत में तैयार की गई वैक्सीन (Covaxin) के शुरुआती बैच के परिणाम अच्छे नहीं थे. जिसके बाद पूरे बैच की वैक्सीन को खारिज कर दिया गया था. उनके अनुसार फिलहाल अब सभी दिक्कतों को दूर कर लिया गया है.

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    नई दिल्ली: देश में कोरोना को मात देने के लिए तेजी से वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) किया जा रहा है. जुलाई माह तक देश में कुल 47 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है. इस बीच कोविड वर्किंग ग्रुप के चीफ डॉ. एन के अरोड़ा ने भारत बॉयोटेक ( Bharat Biotech) की कोवैक्सीन को लेकर कई बड़ी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत बॉयोटेक के बेंगलुरु में बने नए प्लांट में कंपनी को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा जिसकी वजह से वैक्सीन के उत्पादन में देरी हुई.

    एएनआई से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस प्लांट में शुरुआत में तैयार की गई वैक्सीन के शुरुआती बैच के परिणाम अच्छे नहीं थे. उन्होंने दावा किया कि शुरुआती दौर में तैयार वैक्सीन की क्वालिटी और रिजल्ट दोनों ही कमजोर थे जिसके बाद पूरे बैच की वैक्सीन को खारिज कर दिया गया था. उनके अनुसार फिलहाल अब सभी दिक्कतों को दूर कर लिया गया है. भारत बॉयोटेक ने बेंगलुरु प्लांट में हाल ही वैक्सीन का उत्पादन शुरू किया है.

    ये भी पढ़ें- कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’

    कंपनी हर महीने तैयार करेगी 10 करोड़ डोज
    डॉ. अरोड़ा ने कहा कि भारत बॉयोटेक तेजी से वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है और कंपनी आने वाले हफ्तों में कोविड की लगभग 7-10 करोड़ वैक्सीन की खुराक तैयार कर लेगी. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है कि हम अपने संसाधनों के माध्यम से वैक्सीनेशन के काम को तेजी से आगे बढ़ाएं और हम दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि बेंगलुरू के अलावा तीन पब्लिक सेस्टर यूनिट में भी वैक्सीन के उत्पादन की तैयारी चल रही है.

    उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह बाद भारत बायोटेक हर महीने कोविड की सात से दस करोड़ डोज तैयार करने में सक्षम हो जाएगा. डॉ. अरोड़ा ने कहा कि भारत बॉयोटेक और सीम इंस्टीट्यूट हमारे दो मुख्य वैक्सीन स्पलायर है. हम आशा करते हैं इस साल के अंत तक देश के सभी युवाओं को वैक्सीन की डोज लग जाएगी.

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