शोपियां एनकाउंटर: सैनिकों के खिलाफ सबूत मिले, सेना ने कार्रवाई शुरू की

इस वर्ष जुलाई में यह मुठभेड़ हुयी थी और इसमें तीन लोग मारे गए थे. file photo PTI
इस वर्ष जुलाई में यह मुठभेड़ हुयी थी और इसमें तीन लोग मारे गए थे. file photo PTI

सेना (Indian Army) ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि जांच (Investigation) से कुछ निश्चित साक्ष्य सामने आए जो कि दर्शाते हैं कि अभियान के दौरान अफस्पा, 1990 के तहत निहित शक्तियों का दुरुपयोग किया गया और सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत सेना प्रमुख की ओर से निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 7:33 PM IST
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श्रीनगर. सेना (Indian Army) को 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) साक्ष्य मिले हैं कि उसके जवानों ने कश्मीर के शोपियां जिले में हुई एक मुठभेड़ (Shopian Encounter) में सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) के तहत मिली शक्तियों का उल्लंघन किया. इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इस वर्ष जुलाई में यह मुठभेड़ हुई थी और इसमें तीन लोग मारे गए थे.

जांच को चार सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया गया
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपुरा गांव में सेना ने 18 जुलाई को तीन आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था. श्रीनगर में रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान नैतिक आचरण के लिए प्रतिबद्ध सेना ने सोशल मीडिया पर सामने आई उन रिपोर्ट के बाद जांच शुरू की, जिसमें दावा किया गया था कि जम्मू के राजौरी जिले के रहने वाले तीन व्यक्ति अमशीपुरा से लापता पाये गए थे. जांच को चार सप्ताह के भीतर ही पूरा कर लिया गया.

साक्ष्य सामने आए जो दर्शाते हैं कि अभियान के दौरान शक्तियों का दुरुपयोग हुआ
सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि जांच से कुछ निश्चित साक्ष्य सामने आए जो कि दर्शाते हैं कि अभियान के दौरान अफस्पा, 1990 के तहत निहित शक्तियों का दुरुपयोग किया गया और सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत सेना प्रमुख की ओर से निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया. इसके मुताबिक, परिणामस्वरूप, सक्षम अनुशासनात्मक प्राधिकरण ने प्रथम दृष्टया जवाबदेह पाए गए सैनिकों के खिलाफ सेना अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.
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