क्या भारत में होनी चाहिये ऑनलाइन वोटिंग, कोविड-19 त्रासदी के बाद का दौर हो सकता है सही समय

क्या भारत में होनी चाहिये ऑनलाइन वोटिंग, कोविड-19 त्रासदी के बाद का दौर हो सकता है सही समय
पूर्वी दिल्ली में चुनाव मतगणना में जुटे चुनाव अधिकारी (सांकेतिक फोटो, PTI)

सामाजिक दूरी (Social Distancing) और अन्य इससे जुड़ी बातें हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं, ऐसे में ऑनलाइन वोटिंग (Online Voting) की ओर बढ़ने के कदम के लिये यह एक अच्छा समय हो सकता है.

  • Share this:
सौम्यदीप चौधरी

नई दिल्ली. ऑनलाइन वोटिंग (Online Voting)- इसका जिक्र मात्र भी लोगों के मन में हैकिंग का डर पैदा कर देता है. और यह सच्चाई भी है कि जब आप सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स (Security Experts) से बात करते हैं तो वे आपको यही बताते हैं कि जो भी चीज इंटरनेट (Internet) से जुड़ी हुई है, सब हैक (Hack) की जा सकती है.

बस यह हैक (Hack) करने में आने वाली कठिनाई के साथ बदलती जाती है. अच्छी सिक्योरिटी का मतलब गैर आधिकरिक यूजर के लिये इसमें बदलाव को कठिन बनाना होता है. वैसे हम अक्सर ही देखते रहे हैं कि जब पेपर बैलेट और ईवीएम (EVM) तक से इलेक्शन होते हैं तो भी कंट्रोवर्सी और षड्यंत्रकारी विचार सामने आते रहते हैं.



अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और बिहार के उपमुख्यमंत्री दे चुके हैं इसका सुझाव
ऐसे में ऑनलाइन वोटिंग के सामने पर्याप्त बाधाएं होने के बावजूद इसे जारी कोविड-19 त्रासदी (Covid-19 Crisis) के जरिये पैदा की गई समस्याओं के बीच मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है. इसके लिये अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन और साथ ही बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) के इस साल इसपर विचार किये जाने का सुझाव दे चुके हैं.

चूंकि महामारी ने भारत भर में चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, और सामाजिक दूरी (Social Distancing) और अन्य इससे जुड़ी बातें हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं, ऐसे में ऑनलाइन वोटिंग की ओर बढ़ने के कदम के लिये यह एक अच्छा समय हो सकता है.

शशि थरूर ने कदम पर भरी हामी लेकिन इसे बताया अपना व्यक्तिगत विचार
अमेरिका में, जहां पर नबंवर, 2020 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, ऐसे ही सवाल पूछे जा रहे हैं. इस कदम के समर्थक कहते हैं कि लोकतांत्रिक नवीनीकरण को जल्द अपनाने का भारतीय ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. हमने ऐसा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) के साथ किया था, अब हमें इसमें भी नेतृत्व करना चाहिये.

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) इसपर हामी भरते हैं, हालांकि वे दोहराते हैं कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है और उनकी पार्टी का पक्ष नहीं है.

उन्होंने न्यूज18 से बातचीत में कहा, "व्यक्तिगत तौर पर, मैं मानता हूं कि इस पर ध्यान दिये जाने और यह दिखाये जाने की जरूरत है कि तकनीकी हैक नहीं की जा सकती है. हर वोटर आईडी के साथ एक मोबाइल नंबर को रजिस्टर कर और हर इंसान को अपना वोट डालने के लिये एक इंक्रिप्टेड कोड देकर ऐसा किया जा सकता है."

पूरा लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर WHO को भरोसा, कही ये जरूरी बात
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading