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NRC कॉर्डिनेटर और रजिस्ट्रार जनरल को SC की फटकार, कहा- आप दोनों को जेल भेज दें?

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: August 8, 2018, 8:56 AM IST
NRC कॉर्डिनेटर और रजिस्ट्रार जनरल को SC की फटकार, कहा- आप दोनों को जेल भेज दें?
NRC के कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेश

बेंच ने कहा, ‘‘ये मत भूलिये, आप न्यायालय के अधिकारी हैं. आपका काम हमारे निर्देशों का पालन करना है. आप इस तरह से प्रेस में कैसे जा सकते हैं.’’

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  • Last Updated: August 8, 2018, 8:56 AM IST
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राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के कॉर्डिनेटर और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया को सुप्रीम कोर्ट ने जबरदस्त फटकार लगाई है. इन दोनों पर आरोप है कि ये दोनों असम में नागरिकता साबित करने के तरीकों पर अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या हम आप दोनों को जेल भेज दें>

सुप्रीम कोर्ट ने NRC कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेश दोनों को बुलाया और कहा कि अदालत उनके बयानबाज़ी से खुश नहीं है. जस्टिस रंजन गोगोई और रोहिंटन एफ नरीमन की बेंच ने कहा, "आप दोनों ने अदालत की अवमानना की है. क्या हमें आपको जेल भेजना चाहिए? आप दोनों को दंडित किया जाना चाहिए.''

हजेला और शैलेश दोनों ने कोर्ट से माफी मांगी. बाद में बेंच ने दोनों से पूछा: "आप एक अदालत द्वारा नियुक्त अधिकारी हैं और आप मीडिया को बताते हैं कि असम में नागरिकता का दावा करने वालों से किसी नए डॉक्यूमेंट लेने पर विचार किया जा सकता है. आप कौन होते हैं ये बताने वाले? किसने आपको ये अधिकार दिया है ? "



बेंच ने कहा "आपका काम प्रेस से बात करना नहीं है. आप अदालत के अधिकारी हैं और एनआरसी तैयार करने के लिए आपको ये नौकरी दी गई है.''



बेंच ने कहा, ‘‘ये मत भूलिये, आप न्यायालय के अधिकारी हैं. आपका काम हमारे निर्देशों का पालन करना है. आप इस तरह से प्रेस में कैसे जा सकते हैं.’’

दोनों अधिकारियों के अधिकारों पर सवाल उठाते हुये उन्हें फटकार लगायी और भविष्य में इस मसले पर मीडिया से बात नहीं करने की हिदायत दी.

हजेला ने न्यायालय को सूचित किया था कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में नाम शामिल करने और निकालने के बारे में 30 अगस्त से 28 सितंबर के बीच दावे और आपत्तियां की जा सकती हैं.

आपको बता दें कि असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन जारी किया गया है. इसके तहत कुल 3.29 करोड़ आवेदन में 2.89 करोड़ लोगों के नाम नैशनल रजिस्टर में शामिल किए जाने के योग्य पाए गए जबकि 40 लाख लोगों का नाम ड्राफ्ट में नहीं है. हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है बल्कि ड्राफ्ट है. जिनका नाम इसमें शामिल नहीं है वो इसके लिए दावा कर सकते हैं.

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First published: August 8, 2018, 8:19 AM IST
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