AIIMS, LNJP, सफदरजंग ने देर से रिपोर्ट कीं कोविड-19 मौतें, जारी हुआ 'कारण बताओ नोटिस'

एम्स की स्थापना 1956 में हुई थी. (फाइल फोटो)
एम्स की स्थापना 1956 में हुई थी. (फाइल फोटो)

जबकि LNJP अस्पताल, दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अधीन एक समर्पित COVID-19 सुविधा केंद्र है. अन्य तीन अस्पताल केंद्र सरकार (Union Government) के अधीन हैं.

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नई दिल्ली. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिल्ली सरकार ने एम्स (AIIMS) और एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) सहित राष्ट्रीय राजधानी में चार प्रमुख अस्पतालों (Hospitals) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

जबकि LNJP अस्पताल, दिल्ली सरकार (Delhi Government) के अधीन एक समर्पित COVID-19 सुविधा केंद्र है. अन्य तीन अस्पताल, केंद्र सरकार (Union Government) के अधीन हैं.

कई हॉस्पिटल को कारण बताने के लिये नोटिस के अलावा दिया गया ज्ञापन
विभाग ने एक बयान में कहा, "एम्स, एलएनजेपी अस्पताल, आरएम अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए हैं ताकि मौत के मामलों की रिपोर्ट करने में देरी के कारणों का पता लगाया जा सके. यह नोटिस दिल्ली स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत डीडीएम की ओर से जारी किए गए निर्देशों के उल्लंघन के लिये भी जारी किया गया है."
इसके अलावा बाबा साहेब अम्बेडकर अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को भी ज्ञापन जारी किए गए हैं, ताकि स्वास्थ्य और अन्य अधिकारियों की ओर से जारी "मौत के मामलों की रिपोर्ट करने में देरी और निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए" कारण बतायें.



दिल्ली में कोरोना वायरस से अब तक करीब 20 हजार लोग हो चुके हैं संक्रमित
बयान में यह भी कहा गया है कि एलएनजेपी अस्पताल को "भविष्य में सावधानी बरतने के लिए" एक सलाह जारी की गई है और विभाग की ओर से जारी किए गए आदेशों और दिशानिर्देशों का लिखे हुये के अनुसार और भावना से पालन करें ताकि सरकार की ओर से मौतों की सूचना देने में "गड़बड़ी" न हो.

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में रविवार को 1,295 नये COVID-19 मामले आने के साथ एक दिन में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किये गये हैं. इससे दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 19,844 हो चुकी है, साथ ही दिल्ली में इस बीमारी के चलते अब तक 473 लोगों की मौत हो गई है.

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