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श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बोले- 1,500 करोड़ रुपये हुए जमा, अब UPI और बारकोड से नहीं लेंगे चंदा

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट (Shriram Janmabhoomi Shrine Trust) के महासचिव चंपत राय ने कहा कि निधि जमा करना सिर्फ हमारा ही ट्रेडमार्क नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपीआई और बारकोड से दान नहीं लिया जाएगा.

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट (Shriram Janmabhoomi Shrine Trust) के महासचिव चंपत राय ने कहा कि निधि जमा करना सिर्फ हमारा ही ट्रेडमार्क नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपीआई और बारकोड से दान नहीं लिया जाएगा.

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट (Shriram Janmabhoomi Shrine Trust) के महासचिव चंपत राय ने कहा कि निधि जमा करना सिर्फ हमारा ही ट्रेडमार्क नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपीआई और बारकोड से दान नहीं लिया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2021, 11:12 AM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए समर्पण निधि इकट्ठा करने का काम जोरों पर है. इस बाबत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट (Shriram Janmabhoomi Shrine Trust) के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने कहा है कि हमने UPI और बारकोड के माध्यम से समर्पण निधि लेना बंद कर दिया है, क्योंकि वह भरोसेमंद नहीं है. ट्रस्ट के केवल 3 खाते हैं. इसमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल है. हमने खुद बैंकों से कहा है कि कोई भी यूपीआई और बारकोड के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.

यह पूछे जाने पर कि सरकार तो यूपीआई और बारकोड को सही मानती हैं, इस पर राय ने कहा कि सरकार ने कुछ ऐसी व्यवस्था की हो जिससे भ्रम न हो. हमारे बैंकरों का कहना है कि यूपीआई और बारकोड के बीच भ्रम हो सकता है.

निधि जमा करना सिर्फ हमारा ही ट्रेडमार्क नहीं- महासचिव
दिव्य मराठी को दिये एक इंटरव्यू में राय ने कहा कि हमें अपेक्षा से बहुत अधिक चंदा मिला. जहां से 10 रुपये की उम्मीद की जा रही थी, वहां 100 रुपये, जहां से 100 रुपये की उम्मीद थी वहां एक हजार रुपये मिल रहे हैं. बैंक में जमा चेक को क्लियर करने में 8-10 दिन लगते हैं. अंतिम आंकड़ा 27 फरवरी को अभियान के अंत के बाद ही जाना जाएगा. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा है कि अब तक जमा राशि 1,500 करोड़ रुपये है.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस और राजस्थान में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई द्वारा समर्पण निधि के लिए चलाये जा रहे अभियान पर राय ने कहा कि यह खुशी का विषय है. अब हमारा कार्यकर्ता उन लोगों के पास तो नहीं गया जो ऑनलाइन फंड जमा कर रहे हैं. समर्पण निधि जमा करना सिर्फ हमारा ही ट्रेडमार्क नहीं है.



मकर संक्रांति से निर्माण शुरू हुआ- राय
मंदिर निर्माण से जुड़े सवाल पर राय कहा कि मकर संक्रांति से निर्माण शुरू हुआ. नींव डालने के लिए मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया है. एक बड़ा ढेर हटा दिया गया है. साल 2024 के अंत में या साल 2025 में रामलला नए मंदिर में दिखाई देंगे.

उन्होंने कहा कि समर्पण निधि में मिल रही राशि पहले दिन से उपयोग में है. अभियान शुरू भी नहीं हुआ था, उससे पहले भी ट्रस्ट के खाते में पैसा आ रहा था और 27 फरवरी को अभियान बंद होने के बाद भी आना जारी रहेगा. L & T कई महीनों से वहां काम कर रही है. प्रधानमंत्री भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए आए या धन जुटाने के लिए एक कूपन छपवाया गया, सभी काम मंदिर के निर्माण के लिए ही है.
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