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पहले सार्वजनिक माफी मांगें सिद्धू , फिर मिलने का समय:  सीएम अमरिंदर सिंह के सलाहकार 

पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्‍यमंत्री के बीच अभी भी तनातनी बनी हुई है.

पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्‍यमंत्री के बीच अभी भी तनातनी बनी हुई है.

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ( Punjab CM Amarinder Singh) के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh sidhu ) को लेकर अपना पहला ट्वीट किया है. इसमें उन्‍होंने कहा है कि सिद्धू के मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगने को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं. उन्‍होंने कहा कि कोई समय नहीं मांगा गया है. हमारे रुख में भी कोई बदलाव नहीं है. मुख्‍यमंत्री, नवजोत सिंह से तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक कि वह वो (सिद्धू ), कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को लेकर दिए गए बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते.

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    चंडीगढ़ . पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह (Punjab CM Amarinder Singh) के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू  (navjot singh sidhu)  को लेकर अपना पहला ट्वीट किया है. इसमें उन्‍होंने कहा है कि सिद्धू के मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगने को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं. उन्‍होंने कहा कि कोई समय नहीं मांगा गया है. हमारे रुख में भी कोई बदलाव नहीं है. मुख्‍यमंत्री, नवजोत सिंह से तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक कि वह वो (सिद्धू ), कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को लेकर दिए गए बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते.

    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष (President of Punjab Congress) बनाया है. कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के न चाहते हुए भी सिद्धू को अब प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है. सिद्धू की अध्‍यक्ष बनने के बाद पहली पंजाब यात्रा के बीच येे खबरें आ रहीं थीं, कि सिद्धू , मुख्‍यमंत्री से मिलने जा रहे हैं. ऐसे समय मुख्‍यमंत्री के मीडिया एजवाइजर का पहला ट्वीट आते ही वायरल हो गया. इस ट्वीट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सत्‍तारूढ़ दल पंजाब कांग्रेस में अभी भी सबकुछ ठीक नहीं है.

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    सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस आलाकमान को लग रहा है कि अमरिंदर सिंह शायद वह करिश्मा 2022 में न कर पाएं जो उन्होंने साल 2017 में किया था. अमरिंदर सिंह पर यह भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं कि राज्य की सत्ता नौकरशाह चला रहे हैं. इन सारी बातों को ध्यान में रख कर सिद्धू को अब पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी गई है. सिद्धू के साथ चार और कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति हुई है. कैप्टन बनाम सिद्धू की लड़ाई पुरानी है. कैप्टन जहां सोनिया गांधी के करीबी हैं तो वहीं सिद्धू प्रियंका गांधी की काफी करीबी हैं.

     कहते हैं राजनीतिक जानकार
    पंजाब की राजनीति को करीब से समझने वाले संजीव पांडेय कहते हैं, 'कांग्रेस आलाकमान ने मौके पर तो फैसला लिया है, लेकिन सिद्धू की ताजपोशी के बाद भी कांग्रेस की वापसी होगी ये बड़ा सवाल है. कांग्रेस आलाकमान को लगता है कि बालू माफिया, ड्रग माफिया और शराब माफिया के खिलाफ जो स्टैंड सिद्धू ने लिया है उससे जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बनी हुई है और वो 2022 में कांग्रेस को सत्ता में ला सकते हैं. ऐसे में अगर सिद्धू की लोकप्रियता की वजह से कांग्रेस सत्ता में वापसी करती है तो सिद्धू का सीएम बनना तय है. कांग्रेस के मौजूदा विधायकों का भी बहुत बड़ा संख्याबल अमरिंदर सिंह का कैंप छोड़ कर अब सिद्धू के कैंप में आने लगा है. अब अमरिंदर के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह मौजूदा विधायकों में से कितने विधायकों को अपने कैंप में बनाए रखने में सफल होते हैं.

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