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'न खाना, न रखने की जगह': उत्तराखंड में कश्मीरियों को बचाने सामने आए सिख युवा

खालसा एड इंटरनेशनल के युवा देहरादून में फंसे कश्मीरी छात्रों की मदद कर रहे हैं.
खालसा एड इंटरनेशनल के युवा देहरादून में फंसे कश्मीरी छात्रों की मदद कर रहे हैं.

खालसा एड इंटरनेशनल के एमडी अमरप्रीत सिंह ने कहा, “इसमें उनकी क्या गलती है... कि वे कश्मीरी हैं? हम उनके साथ हैं और उनकी पूरी मदद करेंगे."

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 19, 2019, 9:26 AM IST
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इरम आग़ा
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पिछले सप्ताह सीआरपीएफ के एक काफिले पर हुए फिदायीन हमले के बाद देहरादून में रह रहे कश्मीरी छात्रों पर हमले की आशंका को देखते हुए खालसा एड इंटरनेशनल के युवा उनकी मदद के लिए सामने आए हैं. सिख युवाओं ने परेशान छात्रों के रहने, खाने और उनके आने-जाने का इंतजाम करवाया.

पंजाब के इस एनजीओ ने जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (JKSO) से संपर्क किया. इसके बाद देहरादून से मोहाली जाने को तैयार करीब 250 छात्रों की यात्रा का इंतजाम किया. खालसा एड इंटरनेशनल के एमडी अमरप्रीत सिंह ने न्यूज18 से कहा, 'जब मैंने देखा कि JKSO के सदस्य पुलवामा हमले के बाद निशाने पर आए छात्रों की मदद कर रहे हैं तो मैं उनसे जुड़ गया. हम उनके आने-जाने, रहने और खाने का इंतजाम कर रहे हैं.'

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सिंह ने आगे कहा, 'इसमें उनकी क्या गलती है... कि वे कश्मीरी हैं? हम उनके साथ हैं और उनकी पूरी मदद करेंगे. करीब 250 और छात्र देहरादून में फंसे हुए हैं और वे जम्मू जाना चाहते हैं. हम उनके जाने की व्यवस्था कराएंगे.'



देहरादून में कुछ कश्मीरी छात्र हाउसिंग सोसायटियों में छिपे हुए हैं तो कुछ छात्रों ने गुरुद्वारे में शरण ली है. JKSO ने अभी तक देहरादून में रह रहे करीब 800 छात्रों की मदद की है. कुछ लोगों को जम्मू भेजा गया है और कुछ लोगों को मोहाली में सुरक्षित जगहों पर रखा गया है.

सिंह ने कहा, “जिन्हें पता ही नहीं है कि कश्मीर में क्या हो रहा है वे लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. हमारे आंतरिक मसले में एक अन्य देश को खींचा जा रहा है. फिलहाल कई ऐसे लोग हैं जिन्हें मदद की जरूरत है.”

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चंडीगढ़ में पहुंचेंगे करीब 300 और छात्र
पुलवामा में हुए हमले के बाद करीब देहरादून में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों पर हमले हुए. इसके बाद छात्रों को अपनी जान पर खतरा लग रहा है. छात्रों के लिए चंडीगढ़ में कई राहत शिविर बनाए गए हैं. जेकेएसओ के अध्यक्ष ख्वाजा इतरत कहते हैं कि करीब 300 कश्मीरी छात्र चंडीगढ़ पहुंचने वाले हैं. बजरंग दल और वीएचपी सदस्यों ने जिन छात्रों पर हमला किया था उन्हें वापस जम्मू भेज दिया गया है.

इतरत ने कहा, “छात्र काफी परेशान हैं. इम्तियाज अहमद मीर जैसे भी कई छात्र हैं जिन्हें चंडीगढ़ पहुंचने में दो दिन लग गए. इस दौरान वह भूखे रहे और पेशाब भी प्लास्टिक बैग में किया. मीर देहरादून के अल्पाइन कॉलेज में एमएससी कैमिस्ट्री के फाइनल इयर के छात्र हैं.”

एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “कॉलेज की तरफ से कहा गया है कि 10-15 दिन में हालात काबू होने पर हमें वापस बुला लिया जाएगा. यहां कोई सुरक्षा नहीं है और कैम्पस के बाहर मौजूद लोग हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. कई लोगों को पीटा भी गया. कॉलेज से फोन आएग तब हम वापस लौटेंगे.”

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भगवा डर
देहरादून में बजरंग दल के संयोजक विकास वर्मा लगातार दावे कर रहे हैं कि कश्मीरी छात्र राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं. उन्होंने कहा, “कश्मीरी छात्र हमारे निशाने पर हैं. हम चाहते हैं कि वे उत्तराखंड से चले जाएं.” उन्होंने आगे कहा, “राज्य में कुत्ते आ सकते हैं लेकिन कश्मीरी मुस्लिमों के लिए यहां कोई जगह नहीं है. हम चाहते हैं कि 48 घंटे के अंदर वे यहां से बाहर निकल जाएं.”
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