बंगाल चुनाव पर सीतलकुची की छाया, बोलपुर से बीजेपी उम्मीदवार बोले- आतंकियों जैसी भाषा बोल रहीं CM ममता

टीएमसी सीतलकुची में हुई घटना को 'टर्निंग पॉइंट' की तरह देख रही है. (फाइल फोटो)

टीएमसी सीतलकुची में हुई घटना को 'टर्निंग पॉइंट' की तरह देख रही है. (फाइल फोटो)

West Bengal Election 2021: टीएमसी सीतलकुची (Sitalkuchi) में हुई घटना को 'टर्निंग पॉइंट' की तरह देख रही है. वे इसके जरिए मुस्लिम वोट को एक साथ कर आने वाले चरणों की तैयारी में लगी हुई है. खास बात है कि आगामी चरणों में कई सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 10:36 AM IST
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(अमन शर्मा)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में शनिवार को 5वें चरण का मतदान (5h Phase of Voting) जारी है. मतदान का ये दौर कई मायनों में खास है. पहले तो 8 चरणों में से यह सबसे बड़ा चरण है. इस दौरान 45 सीटों पर सियासी दांव खेला जा रहा है. साथ ही हाल ही में सीतलकुची में हुई घटना के बाद राज्य का सियासी माहौल में कुछ बदलाव आया है. दोनों पार्टियां इस कोशिश में हैं कि विरोधी दल को इस घटना का लाभ न मिल जाए. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने-अपने दांव खेलने में लगी हुई है.

बीजेपी की कोशिशें

बीजेपी इस दौरान टीएमसी पर जुबानी हमले कर रही है और हर कोशिश का जवाब दे रही है. न्यूज18 के साथ बातचीत में बोलपुर से बीजेपी उम्मीदवार और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक अनिर्बान गांगुली ने बताया, 'यह बेहद चिंता की बात है कि मुख्यमंत्री आतंकवादी संगठन की भाषा बोल रही हैं. जैसा वे पाकिस्तान के समर्थन से किसी समय में जम्मू और कश्मीर में करते थे. वे सुरक्षाबलों पर हमला करने और लोगों को उनपर हमला करने के लिए उकसाने, घेरने और हथियार छीनने के लिए कहते हैं.' उन्होंने सीएम बनर्जी पर लगे 24 घंटे के बैन पर भी सवाल उठाए.
बीजेपी ने इसके साथ ही एक ऑडियो टेप जारी किया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि इसमें सुनाई दे रही आवाज ममता बनर्जी की है. वे सीतलकुची से टीएमसी उम्मीदवार से पैरामिलिट्री अधिकारी को घेरने के लिए शवों के साथ जुलूस निकालने को कह रही है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा, 'यह राजनीतिक हितों के लिए लाशों का इस्तेमाल करना टीएमसी की गिद्ध सभ्यता' को दिखाता है.'

अब टीएमसी भी अपनी तरफ से खेल रही दांव

टीएमसी सीतलकुची में हुई घटना को 'टर्निंग पॉइंट' की तरह देख रही है. वे इसके जरिए मुस्लिम वोट को एक साथ कर आने वाले चरणों की तैयारी में लगी हुई है. खास बात है कि आगामी चरणों में कई सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है. साथ ही बनर्जी खुद को उनका रक्षक बताने के लिए मृतकों के घर पहुंची. माना जा रहा है कि यह एक बड़ा कारण था, जिसकी वजह से टीएमसी ने चुनाव आयोग से एक बार में चुनाव के सभी चरण पूरे कराने की अपील की थी. पार्टी सीतलकुची घटना के जरिए फायदा लेने की कोशिश में थी, क्योंकि अगामी चरण टीएमसी के मजबूत गढ़ों में होने हैं. हालांकि, टीएमसी ने एक साथ चुनाव कराने के पीछे का कारण महामारी को बताया था.





बीजेपी ने किया पलटवार

बीते शुक्रवार को बीजेपी ने टीएमसी के इस कदम का जमकर विरोध किया. पार्टी को यह एहसास हो गया था कि ये काम टीएमसी के पक्ष में काम करेगा. बीजेपी ने शनिवार से शुरू हो रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में सोशल डिस्टेंसिंग का वादा किया. हालांकि, इस दौरान टीएमसी पार्टी पर 'बाहरी लोगों के जरिए दिल्ली से बंगाल कोविड लाने' का आरोप लगा रही थी.
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