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सीतारमण ने अदनान सामी की नागरिकता का हवाला देकर किया CAA का बचाव लेकिन कर बैठीं ये गलती

News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 5:55 PM IST
सीतारमण ने अदनान सामी की नागरिकता का हवाला देकर किया CAA का बचाव लेकिन कर बैठीं ये गलती
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की फाइल फोटो (PTI)

तस्लीमा नसरीन (Taslima Nasrin) स्वीडन की नागरिक हैं. जो कि नई दिल्ली में 2004 से रेजिडेंस परमिट के साथ रह रही हैं. अपने कथित इस्लाम-विरोधी विचारों के चलते उन्हें कट्टरपंथी संगठनों (Fundamentalist Outfits) की ओर से मारने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने 1994 में बांग्लादेश (Bangladesh) छोड़ दिया था.

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  • Last Updated: January 19, 2020, 5:55 PM IST
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चेन्नई. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का बचाव करते हुए पाकिस्तान (Pakistan) में जन्मे गायक अदनान सामी (Adnan Sami) का उदाहरण दिया, जिन्हें 2016 में भारत की नागरिकता दी गई थी.

बीजेपी नेता हालांकि तब थोड़ा भटक गईं जब उन्होंने साथ में ही जानी-मानी बांग्ला लेखिका तस्लीमा नसरीन (Taslima Nasreen) को ऐसे दूसरे मुस्लिम उदाहरण के तौर पर बताया, जिन्हें भारत की नागरिकता (Citizenship) मिली है.

स्वीडन की नागरिक हैं तस्लीमा नसरीन
नसरीन जो कि आधिकारिक तौर पर स्वीडन (Sweden) की नागरिक हैं, वे 2004 से नई दिल्ली में रेजिडेंस परमिट (Residence permit) के साथ रह रही हैं.

सीतारमण ने चेन्नई (Chennai) में CAA पर एक कार्यक्रम में कहा, "2016 से 2018 के बीच कुल 391 अफगानी मुस्लिमों और 1595 पाकिस्तानी शरणार्थियों को नागरिकता दी गई है. यह 2016 में ही हुआ, जब अदनान सामी को नागरिकता दी गई, यह एक उदाहरण है. तस्लीमा नसरीन दूसरा उदाहरण हैं. यह साबित करता है कि हमारे खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत हैं."

1994 से निर्वासन में रह रही हैं तस्लीमा
अपने कथित इस्लाम-विरोधी विचारों (Alleged Anti-Islamic Views) के चलते तस्लीमा नसरीन को कट्टरपंथी संगठनों की ओर से मारने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने 1994 में बांग्लादेश (Bangladesh) छोड़ दिया था. तबसे वे निर्वासन में रह रही हैं.सामी जो कि वास्तव में पाकिस्तान से आते हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता कानून, 1955 के सेक्शन 6(I) के तहत 'प्राकृतिक होने के जरिए नागरिकता' मिली थी, ऐसा उन्होंने गृह मंत्रालय से मानवीय आधार पर करने की गुजारिश की थी. वे चाहते थे कि भारत में उनके निवास को कानूनी बना दिया जाए.

2014 तक दी गई थी 566 मुस्लिमों को नागरिकता
सीतारमण ने कहा कि पिछले 6 सालो में भारत में 2,838 पाकिस्तानियों, 914 अफगानियों और 172 बांग्लादेशियों को भारत की नागरिकता दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों में मुस्लिम भी साबित रहे हैं. 1962 से 2008 तक करीब चार लाख श्रीलंकाई तमिलों को नागरिकता दी गई है और 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से कुल 566 मुस्लिमों (Muslims) को नागरिकता दी गई है.

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First published: January 19, 2020, 4:59 PM IST
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