रिहाना-ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट को केंद्रीय मंत्रियों ने बताया इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा, कहा- मुद्दे की समझ नहीं

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने रिहाना और ग्रेटा के ट्वीट्स का जवाब दिया है. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने रिहाना और ग्रेटा के ट्वीट्स का जवाब दिया है. (फाइल फोटो)

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों (International celebrities) के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन का मुद्दा वैश्विक तौर पर छा गया है. इन ट्वीट्स का विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है. इसके बाद कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी इसे इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा करार दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 5:18 PM IST
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नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के समर्थन में रिहाना (Rihanna) और ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के ट्वीट्स का कई केंद्रीय मंत्रियों ने जवाब दिया है. मंत्रियों ने इसे इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा करार दिया है. मंत्रियों ने #IndiaTogether #IndiaAgainstPropaganda के हैशटैग के साथ ट्वीट किए. दरअसल एक के बाद एक ये ट्वीट विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद आए जिसमें कहा गया था कि किसान आंदोलन पर ट्वीट करने वाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को मुद्दे की सही जानकारी नहीं है.

क्या बोलीं निर्मला सीतारमण और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा

विदेश मंत्रालय के बयान का लिंक साझाकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा. 'इस तरह के मुद्दे पर कमेंट करने की जल्दबाजी करने से पहले हमारा निवेदन है कि तथ्य की सही पड़ताल और मुद्दे की बेहतर समझ होनी चाहिए.' बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, 'प्रोपेगेंडा और फेक नैरेटिव के जरिए भारत की छवि धूमिल करने के हर प्रयास के खिलाफ हम साथ खड़े हैं.'


ये बोले वीके सिंह और किरेन रिजिजू

सड़क परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, 'समय बदल रहा है. डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावशाली लोगों के पास अपने फॉलोअर्स से बात करने की बड़ी शक्ति है. उन्हें अपनी शक्ति और जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए.' केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'करीब 1000 साल तक भारत हारा, कब्जा हुआ, लूट हुई और विदेशी आक्रांताओं का शासन रहा. ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि हम कमजोर थे. दरअसल हमारे बीच हमेशा जयचंद थे. हमें पूछना होगा कि इस इंटरनेशनल प्रोपेगेंडा के पीछे कौन है.'

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा, 'तो विदेशी धरती पर रहने वाले लोगों ने एक लेख पढ़ा और भारत में बने कानून पर ट्वीट कर दिया. अच्छा होता कि उन्होंने कानून के बारे में बेहतर जानकारी हासिल की होती. लेकिन लिबरल खेमे से ये उम्मीद करना कुछ ज्यादा है.'

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