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पूर्व सहयोगी ने कहा- राहुल गांधी के नेतृत्व में सीटें घटीं, प्रियंका होतीं तो और होते हालात

News18Hindi
Updated: November 3, 2019, 11:55 PM IST
पूर्व सहयोगी ने कहा- राहुल गांधी के नेतृत्व में सीटें घटीं, प्रियंका होतीं तो और होते हालात
राहुल गांधी के पूर्व सहयोगी ने उनके नेतृत्व पर कई सवाल उठाए हैं.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पूर्व सहयोगी पंकज शंकर (Pankaj Shankar) ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके नेतृत्व पर कई सवाल उठाए हैं.

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  • Last Updated: November 3, 2019, 11:55 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पूर्व सहयोगी पंकज शंकर (Pankaj Shankar) ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर कई सवाल उठाए हैं. पंकज शंकर ने कहा कि राहुल गांधी 2004 में सक्रिय राजनीति में आए थे, अब 2019 है. यूथ कांग्रेस (Youth Congress) और एनएसयूआई (NSUI) में कई प्रयोग किए गए. अमेठी (Amethi) के चुनावी नतीजे भी कांग्रेस के पक्ष में नहीं आए. अब अगला प्रयोग क्या होगा. अब सिर्फ पार्टी ही बची है. पुत्रमोह ही तो है ये.

पंकज शंकर ने राहुल गांधी को पॉलिटिकल इंटर्न बताते हुए कहा कि वह राजनीति में पिछले 15 साल से हैं. किसके नेतृत्व में हम सीटों की गिनती के मामले में 3 से गिरकर 2 अंकों में आ गए? ये हर कोई जानता है. यह एक इंटर्नशिप है जो कभी खत्म नहीं होगी.



'प्रियंका होती अध्यक्ष तो ऐसे न होते हालात'

पंकज शंकर ने इसके आगे कहा कि सिर्फ मुझसे नहीं लेकिन देश में कांग्रेस के किसी भी कार्यकर्ता से पूछ लीजिए या फिर विपक्ष में किसी से भी पूछ लीजिए वह इस बात से सहमत होंगे कि अगर प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) कांग्रेस का नेतृत्व करतीं तो आज पार्टी की ऐसी हालत नहीं होती.



आपको बता दें कि राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) की हार के बाद पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद कांग्रेस में लंबे समय तक शीर्ष नेतृत्व के लिए असमंजस की स्थिति बनी रही. पार्टी के कई बड़े नेताओं ने राहुल गांधी को मनाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कई राज्यों में कांग्रेस के अध्यक्ष और बड़े नेताओं ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
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कई राज्यों में पड़ा था हार का असर
राष्ट्रीय स्तर पर मची इस हलचल का प्रभाव राज्य की सरकारों पर भी पड़ा. कर्नाटक (Karnataka) की सियासत में कांग्रेस-जेडीएस सरकार (Congress-JDS Government) के लिए मुश्किल खड़ी हो गई थी. कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों ने इस्‍तीफा दिया और सरकार अल्‍पमत में आ गई. दोबारा फ्लोरटेस्‍ट में कांग्रेस-जेडीएस सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई और भाजपा (BJP) ने विश्वासमत जीतकर राज्य में सरकार बनाई. इसके बाद भी पार्टी में इस्‍तीफों का दौर जारी रहा. हालात को संभालने के लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

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First published: November 3, 2019, 9:49 PM IST
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